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ट्रंप का नया दावा: होर्मुज की खाड़ी अमेरिका का हिस्सा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज की खाड़ी को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए एक मानचित्र साझा किया। इस पर ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने प्रतिक्रिया दी, इसे केवल एक गलतफहमी करार दिया। उन्होंने ट्रंप को याद दिलाया कि इस समुद्री क्षेत्र पर अमेरिका का कोई अधिकार नहीं है। ट्रंप के इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जानें इस मुद्दे की पूरी कहानी और ईरान की प्रतिक्रिया।
 

ट्रंप का विवादास्पद मानचित्र


नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और ग्रीनलैंड के बाद अब होर्मुज की खाड़ी को भी अमेरिका का हिस्सा बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक मानचित्र साझा किया, जिसमें होर्मुज की खाड़ी को अमेरिका का नया क्षेत्र दर्शाया गया है। ट्रंप के इस दावे पर ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल एक गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि ट्रंप को जल्द ही यह समझ में आएगा कि इस समुद्री क्षेत्र पर अमेरिका का कोई अधिकार नहीं है।


ईरान की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक साझा किया, जिसमें 'नया अमेरिकी क्षेत्र' लिखा था। इस मानचित्र में होर्मुज की खाड़ी और उसके आसपास का समुद्री क्षेत्र दिखाया गया था, जिसमें ईरान, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के हिस्से भी शामिल थे। ध्यान देने योग्य बात यह है कि होर्मुज की खाड़ी पर ईरान और ओमान का पूर्ण नियंत्रण है। ईरान की धमकियों के कारण इस मार्ग से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही में कमी आई है।


ट्रंप के पुराने बयान की याद दिलाते हुए

गरीबाबादी ने ट्रंप को उनके पिछले बयान की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने 'फारस की खाड़ी' का नाम बदलकर 'अरब की खाड़ी' रखने का सुझाव दिया था। ईरान ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी, यह कहते हुए कि यह नाम सदियों से 'फारस की खाड़ी' है। अब ट्रंप ने अपनी नई पोस्ट में 'फारस की खाड़ी' शब्द का सही इस्तेमाल किया है। गरीबाबादी ने इस पर तंज करते हुए कहा कि जब ट्रंप ने सही नाम का उपयोग किया है, तो उम्मीद है कि उन्हें यह भी समझ में आएगा कि होर्मुज की खाड़ी अमेरिका का हिस्सा नहीं है।