ट्रंप का संयुक्त राष्ट्र में ईरान पर कड़ा हमला, अमेरिका की शक्ति का किया बखान
संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप का भाषण
न्यूयॉर्क - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में ईरान पर तीखा हमला किया। उन्होंने ईरान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और मध्य-पूर्व में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा।
ट्रंप ने कहा कि उनके लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में उपस्थित होना सम्मान की बात है और अमेरिका अब पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था, सैन्य शक्ति और तकनीकी क्षमताओं का भी उल्लेख किया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जबकि अन्य देश केवल शांति की बातें करते रहे, उनके प्रशासन ने कई संघर्षों में शांति स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
ईरान पर आरोप
ईरान के बारे में ट्रंप ने कहा कि वहां की सरकार ने पिछले कई दशकों से हिंसा और अस्थिरता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने न केवल मध्य-पूर्व में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी हिंसा को बढ़ावा दिया है। ट्रंप ने कहा कि अब ईरान पहले की तरह क्षेत्र में अपना प्रभाव नहीं जमा सकता। उन्होंने अपने पहले दिन से ही स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने सभी देशों से अमेरिका के साथ मिलकर ईरान का 'पूर्ण आर्थिक अलगाव' लागू करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ईरान को तब तक अलग-थलग रखा जाना चाहिए जब तक वह वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाएं नहीं छोड़ता और आतंकवाद के समर्थन को समाप्त नहीं करता। ट्रंप ने ईरानी शासन को कमजोर और हताश बताया।
भारत-पाकिस्तान युद्ध का जिक्र
ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध समेत 8 युद्धों को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इन समझौतों को कराने में उनके व्यक्तिगत संबंधों, व्यापारिक रिश्तों, टैरिफ और टैरिफ लगाने की धमकी का उपयोग किया गया। गाजा और यूक्रेन का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने गाजा युद्ध समाप्त कराया और सभी बंधकों को सुरक्षित वापस लाया। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन युद्ध भी अपेक्षा से अधिक तेजी से समाप्त हो सकता है।
संभावित ईरान वार्ता के संकेत
ट्रंप के भाषण के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत के संकेत भी मिले हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए तैयार है, हालांकि फिलहाल कोई बैठक तय नहीं हुई है।
ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दोनों इस समय न्यूयॉर्क में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत की संभावना बनी हुई है, हालांकि तनाव अभी भी जारी है।