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ट्रंप की ईरान को शांति की अपील, इजरायल पर मिसाइल हमले बंद करने का आग्रह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से अपील की है कि वह इजरायल पर मिसाइल हमले बंद करे और बातचीत की प्रक्रिया में लौटे। यह बयान तब आया जब ईरान ने इजरायल की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान किसी समझौते के करीब थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री से भी बातचीत की योजना बनाई है। जानें इस तनावपूर्ण स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
 

ट्रंप की अपील

वॉशिंगटन - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से आग्रह किया है कि वह इजरायल पर मिसाइल हमले रोक दे और बातचीत की प्रक्रिया में लौट आए। यह बयान तब आया जब ईरान ने इजरायल की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइलों की नई खेप दागी। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया, “मैं ईरान से यही कहूंगा कि आपने अपनी मिसाइलें चला दीं, अब बस कीजिए। वापस बातचीत की मेज पर आइए और समझौता कीजिए।”


संभावित समझौते की ओर इशारा

रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से मिसाइल दागने से पहले अमेरिका और ईरान किसी समझौते के बहुत करीब थे। उन्होंने कहा, “हम बहुत करीब थे। मेरा मानना है कि इस आने वाले हफ्ते में समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे। लेकिन अब यह सब हो गया।” उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति बातचीत और समझौते के प्रयासों के लिए सहायक नहीं होगी।


इजरायल की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात करने की योजना बनाई है और उनसे जवाबी कार्रवाई न करने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अभी बीबी (नेतन्याहू) को फोन करने वाला हूं और उनसे कहूंगा कि जवाबी हमला न करें।”


मिसाइल हमले की जानकारी

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने रविवार को इजरायल की ओर कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी, जिन्हें तीन अलग-अलग चरणों में छोड़ा गया। इजरायली सेना ने बताया कि सभी मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया। हालांकि, इजरायल ने इस हमले का ‘कड़ा जवाब’ देने की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।


सुरक्षा उपायों में वृद्धि

फिलहाल किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन उत्तरी इजरायल के कई क्षेत्रों में सायरन बजाए गए हैं। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान ने मिसाइलें दागकर ‘बड़ी गलती’ की है। उन्होंने बताया कि सेना किसी भी संभावित हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।