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ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की मंशा: तस्वीरों में छिपा संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की मंशा अब स्पष्ट हो गई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की है, जिसमें वह ग्रीनलैंड पर अमेरिकी झंडा फहराते हुए नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में 2026 का अल्टीमेटम भी शामिल है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को चुनौती देता है। ट्रंप की यह महत्वाकांक्षा नाटो के महासचिव के साथ बातचीत के बाद और भी बढ़ गई है। जानें इस मुद्दे पर वैश्विक राजनीति में क्या हलचल मची है।
 

ट्रंप का ग्रीनलैंड पर ध्यान

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की इच्छा अब स्पष्ट हो गई है, और यह उनकी सनक समय के साथ बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से हाल ही में वेनेजुएला पर की गई सैन्य कार्रवाई के बाद से ग्रीनलैंड ट्रंप के ध्यान में है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर एक तस्वीर साझा की है, जिसने वैश्विक कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस तस्वीर में ट्रंप ग्रीनलैंड की भूमि पर अमेरिकी झंडा फहराते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो उनके इरादों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।



2026 का अल्टीमेटम


ट्रंप द्वारा साझा की गई इस विवादास्पद तस्वीर में वह अकेले नहीं हैं। उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी नजर आ रहे हैं, जो प्रशासन की एकजुटता को दर्शाते हैं। तस्वीर में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप के सामने एक साइनबोर्ड है, जिस पर लिखा है, '2026 से ग्रीनलैंड अमेरिका का इलाका है।' यह तस्वीर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और संप्रभुता को चुनौती देती नजर आ रही है और इसने वैश्विक राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है।



व्हाइट हाउस का नक्शा


ग्रीनलैंड पर ट्रंप की महत्वाकांक्षा यहीं खत्म नहीं होती। उन्होंने 'ट्रूथ' पर एक और तस्वीर साझा की है, जिसमें वह यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक करते दिख रहे हैं। इस तस्वीर में ट्रंप के बगल में एक नक्शा है, जिसमें ग्रीनलैंड के साथ-साथ पड़ोसी कनाडा और वेनेजुएला को भी अमेरिका का हिस्सा दिखाया गया है। यह नक्शा अमेरिका की विस्तारवादी सोच को दर्शाता है, जिससे पड़ोसी देशों में चिंता बढ़ गई है।


नाटो की चिंता और दावोस में बैठक


इस मुद्दे पर वैश्विक तनाव बढ़ता दिख रहा है। ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि उन्होंने नाटो के महासचिव मार्क रूटे से फोन पर बात की है, जिसमें रूटे ने ग्रीनलैंड को लेकर चिंता जताई। इसके जवाब में ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में एक बैठक तय की है। ट्रंप ने अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और वह इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अपनी आक्रामक नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है और वही शांति सुनिश्चित कर सकता है।