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ट्रंप ने ईरान पर हमले का निर्णय टाला, ईरान ने ट्रंप और नेतन्याहू को दी सुपारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का निर्णय स्थगित कर दिया है, जबकि ईरान की संसद ने ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ सुपारी जारी की है। ईरान की संसद में एक बिल लाया जा सकता है, जिसमें इन नेताओं की हत्या करने वालों को इनाम देने का प्रस्ताव है। ट्रंप ने खाड़ी देशों के नेताओं के अनुरोध पर यह निर्णय लिया है, जबकि ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का जवाब केवल अमेरिका और इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में अधिक।
 

ट्रंप का हमला टालने का निर्णय

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का निर्णय स्थगित कर दिया है। इससे पहले, ट्रंप ने मंगलवार को ईरान पर एक बड़ा हमला करने की योजना का ऐलान किया था। लेकिन बाद में उन्होंने कई खाड़ी देशों का नाम लेते हुए कहा कि उनके अनुरोध पर यह हमला टाल दिया गया है। दूसरी ओर, ईरान की संसद ने ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ सुपारी जारी की है।


ईरान की संसद में बिल का प्रस्ताव

सूत्रों के अनुसार, ईरान की संसद में ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या करने वालों को 500 करोड़ रुपए से अधिक का इनाम देने वाला एक बिल लाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी संसद का राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग इस बिल की तैयारी कर रहा है। आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि यह बिल ‘इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई’ के नाम से तैयार किया जा रहा है। ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने बताया कि संसद जल्द ही इस बिल पर मतदान कर सकती है।


ट्रंप का बयान और खाड़ी देशों की भूमिका

इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाला हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप ने बताया कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं ने बातचीत के लिए दो से तीन दिन का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों के नेताओं को विश्वास है कि ईरान के साथ ऐसा समझौता हो सकता है, जिसे अमेरिका और पश्चिम एशिया के अन्य देश स्वीकार कर सकें।


ईरान की चेतावनी

हालांकि, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के उपाध्यक्ष महमूद नबावियन ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान या उसके नेताओं पर फिर से हमला हुआ, तो इसका जवाब केवल अमेरिका और इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि उन अरब देशों को भी निशाना बनाया जा सकता है जो अमेरिका और इजराइल के साथ खड़े हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने स्पष्ट किया है कि दूसरे देशों के साथ बातचीत का मतलब सरेंडर नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और कानूनी अधिकारों से पीछे हटे बिना बातचीत जारी रखेगा।