×

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए सात देशों से मांगी मदद

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के प्रतिबंधों के कारण। अमेरिका ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए सात देशों से मदद मांगी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि शिपिंग में कोई बाधा आती है, तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। जानें इस स्थिति का वैश्विक तेल बाजार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और ट्रंप का क्या कहना है।
 

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव कम होने का कोई संकेत नहीं मिल रहा है। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका ने कई देशों से नौसैनिक जहाज भेजने की अपील की है।


महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्ग

होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ईरान की ओर से इस मार्ग को बाधित करने की धमकी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता को और बढ़ा दिया है।


ट्रंप की चेतावनी

इस बीच, ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खुला रखने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मार्ग पर शिपिंग में कोई बाधा आती है, तो अमेरिका कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।


सात देशों से सहयोग की अपील

ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए लगभग सात देशों से युद्धपोत भेजने का अनुरोध किया है। हालांकि, उन्होंने इन देशों के नाम का खुलासा नहीं किया, लेकिन यह बताया कि ये देश मध्य पूर्व के तेल पर काफी निर्भर हैं।


वैश्विक गठबंधन की संभावना

सूत्रों के अनुसार, ट्रंप जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए एक वैश्विक गठबंधन की घोषणा कर सकते हैं। सामान्य परिस्थितियों में, इस समुद्री मार्ग से दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।


तेल कीमतों में वृद्धि

ईरान द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद वैश्विक तेल कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ट्रंप ने कहा, "हम जिन देशों से होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी को लेकर बातचीत कर रहे हैं, वे प्रमुख उत्पादक देश हैं। मैं उनसे आग्रह कर रहा हूं कि वे अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आगे आएं। यदि अन्य देश भी इस निगरानी अभियान में शामिल होते हैं, तो यह बेहतर होगा। अमेरिका उनके साथ मिलकर काम करने और मदद करने के लिए तैयार है।"