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ट्रंप पर तीसरी बार महाभियोग का खतरा, डेमोक्रेट्स की तैयारी

डोनाल्ड ट्रंप पर तीसरी बार महाभियोग का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि डेमोक्रेटिक पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई की योजना बना रही है। ट्रंप पहले राष्ट्रपति हैं, जिन पर दो बार महाभियोग चलाया गया है। इस बार विपक्ष ने गंभीरता से तैयारी की है, जिसमें ट्रंप के कारोबारी सौदों और उनके परिवार की संपत्ति की जांच शामिल है। जानें इस राजनीतिक संकट के पीछे की कहानी और डेमोक्रेट्स की रणनीतियाँ।
 

महाभियोग की नई चुनौतियाँ


नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को हाल ही में मिली ऐतिहासिक हार के बाद, उनके ऊपर महाभियोग का खतरा बढ़ गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी अब उनके खिलाफ महाभियोग लाने की योजना बना रही है। ट्रंप अमेरिका के पहले राष्ट्रपति हैं, जिन पर दो बार महाभियोग चलाया जा चुका है, और अब विपक्ष तीसरी बार यह कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।


महाभियोग के लिए अमेरिका के निचले सदन में साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है, जबकि सीनेट में दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। पहले दो बार ट्रंप के खिलाफ सीनेट में लाया गया महाभियोग प्रस्ताव असफल रहा था।


हालांकि, इस बार विपक्ष अधिक गंभीरता से तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी का आरोप है कि ट्रंप ने अपने पद का दुरुपयोग किया है, जिससे उनके करीबी लोगों को लाभ हुआ और आम जनता को नुकसान उठाना पड़ा। डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने कहा है कि वे यह जानने की कोशिश करेंगे कि ट्रंप और उनके परिवार की संपत्ति कैसे बढ़ी।


उनका ध्यान ट्रंप के बेटों और दामाद जेरेड कुशनर के कारोबारी सौदों पर है। बताया जा रहा है कि गार्सिया ने जांच के लिए पांच मुद्दे निर्धारित किए हैं, जिनमें ट्रंप परिवार के कारोबारी सौदे, जेफ्री एपस्टीन मामले में ट्रंप प्रशासन की भूमिका, और अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी की कार्रवाई शामिल हैं।


इससे पहले, डेमोक्रेटिक पार्टी ने 1990 के बाद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में सबसे बड़ी जीत हासिल की है, जिसमें उन्हें 260 से अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है। सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत से आगे निकल चुकी है।


ट्रंप के खिलाफ पहले दो महाभियोग की घटनाएँ भी उल्लेखनीय हैं। पहली बार उन पर आरोप था कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर दबाव डाला था कि वे जो बाइडेन और उनके बेटे हंटर बाइडेन के खिलाफ जांच शुरू करें। ऐसा न करने पर ट्रंप ने यूक्रेन को दी जाने वाली लगभग 40 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता रोक दी थी। दूसरी बार, 6 जनवरी 2021 को ट्रंप के समर्थकों द्वारा अमेरिकी संसद भवन पर हमले से संबंधित था, जिसमें उन पर समर्थकों को भड़काने का आरोप लगा था।