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ट्रम्प का नाटो पर हमला: अमेरिका की मदद नहीं मिली, ईरान युद्ध में स्थिति गंभीर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो को 'कागजी शेर' करार दिया है और ईरान युद्ध में अमेरिका को समर्थन न मिलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि नाटो देशों ने अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया है, जिससे अमेरिका की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इसके अलावा, इजराइल ने हिजबुल्ला के एक प्रमुख कमांडर को मार गिराने का दावा किया है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या कहता है ईरान।
 

ट्रम्प का नाटो पर कटाक्ष


ट्रम्प का बयान: नाटो की भूमिका पर सवाल


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो को 'कागजी शेर' करार दिया है। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि उन्हें नाटो से कोई खास उम्मीद नहीं थी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इसी राय के हैं। ट्रम्प ने यह भी बताया कि वे नाटो से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।


अमेरिका का समर्थन नहीं मिला

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहा है, लेकिन इस बार कोई भी अमेरिका के साथ नहीं आया। उन्होंने यूक्रेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अमेरिका ने मदद की थी, लेकिन अब वही समर्थन अमेरिका को नहीं मिल रहा।


ईरान युद्ध में नाटो का साथ न देने का निर्णय

यह बयान तब आया है जब नाटो देशों ने ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया। अमेरिका चाहता था कि नाटो देश अपने युद्धपोत भेजें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।


मध्य पूर्व में युद्ध का आर्थिक प्रभाव

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह संघर्ष अब केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ा संकट बन गया है। क्षेत्र की जीडीपी 3.7% से 6% तक घट सकती है, जिससे लगभग 18 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है।


इजराइल का दावा: हिजबुल्ला का कमांडर मारा गया

इजराइल की सेना ने यह दावा किया है कि उसने उग्रवादी संगठन हिजबुल्ला के एक प्रमुख कमांडर यूसुफ इस्माइल हाशेम को मार गिराया है। यह हमला बेरूत में हुआ था, हालांकि हिजबुल्ला की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।


ईरान की चेतावनी: होर्मुज अमेरिका के लिए बंद

ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा, लेकिन अमेरिका के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल उन देशों के लिए खुला रहेगा जो ईरान के नए नियमों का पालन करेंगे।