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ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत: पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी से बढ़ी जांच की गति

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में उनके पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी ने जांच में नई गति प्रदान की है। जबलपुर जिला अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद, समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके वकील ने अदालत में उठाए गए सवालों के साथ-साथ समर्थ की पहचान छिपाने की कोशिशों पर भी प्रकाश डाला। इस मामले में न्यायपालिका की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। जानें इस हाई-प्रोफाइल केस की पूरी कहानी।
 

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला मीडिया में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। शुक्रवार को इस हाई-प्रोफाइल केस में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति, समर्थ सिंह, जबलपुर जिला अदालत पहुंचे। इसके बाद भोपाल पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और भोपाल के लिए रवाना हो गई। जबलपुर के एसपी ने इस बात की पुष्टि की है।


समर्थ सिंह की गिरफ्तारी

समर्थ सिंह, जो काफी समय से फरार थे, के अचानक सामने आने से मामले में हलचल तेज हो गई है। यह माना जा रहा है कि अब इस केस की जांच में तेजी आएगी।


अदालत में आत्मसमर्पण

समर्थ सिंह के वकील के अनुसार, उन्होंने पहले अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ली और फिर अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया।


समर्थ सिंह की पहचान छिपाने की कोशिश

अदालत परिसर में समर्थ सिंह ने अपनी पहचान छिपाने का प्रयास किया। उन्होंने चश्मा, मास्क और टोपी पहन रखी थी। जब पत्रकारों ने उनसे ट्विशा शर्मा की मौत, दहेज प्रताड़ना और उन पर लगे आरोपों के बारे में सवाल किए, तो उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।


ट्विशा शर्मा के वकील का बयान

ट्विशा शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने इस घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह कोर्ट नंबर 32 में बैठे थे, जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश का कोर्ट है, और वहां का दरवाजा बंद था। उन्होंने यह भी पूछा कि उन्हें वहां बैठने की अनुमति किस आधार पर दी गई।


अनुराग श्रीवास्तव की मांग

अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "यह स्पष्ट है कि न्यायपालिका उनके समर्थन में कितनी अधिक है। मैं एसआईटी और स्थानीय पुलिस से मांग करता हूं कि उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। वे यहां सरेंडर करने आए थे, लेकिन जिला जज के चैंबर में दरवाजा बंद कर बैठे थे। जब दरवाजा खोला गया, तो वे बार एसोसिएशन के चैंबर में चले गए।"