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डिजिटल इंडिया: 11 वर्षों में भारत की नई पहचान का सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया पहल के 11 साल पूरे होने पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम ने कैसे भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी है। डिजिटल इंडिया ने न केवल तकनीकी विकास को बढ़ावा दिया है, बल्कि गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जानें इस पहल की सफलता और इसके प्रभाव के बारे में।
 

डिजिटल इंडिया की सफलता का जश्न


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को डिजिटल इंडिया पहल के 11 साल पूरे होने का जश्न मनाया। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई, 2015 को शुरू होने के बाद से इस कार्यक्रम ने देश के नागरिकों की दैनिक जीवनशैली में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। पीएम ने इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि जब एक अरब से अधिक लोग तकनीक को अपनाते हैं, तो इसका प्रभाव व्यापक होता है। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें दिखाया गया कि कैसे भारतीयों ने मोबाइल बैंकिंग से लेकर ऑनलाइन सरकारी सेवाओं तक डिजिटल उपकरणों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया है।


डिजिटल इंडिया: आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला

प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि डिजिटल इंडिया की 11 साल की यात्रा ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल देशवासियों की नवाचार और तकनीक को अपनाने की क्षमता को दर्शाती है। पीएम ने कहा, "जो व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित कर लेता है, वही विज्ञान का सच्चा साथी होता है।" उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल इंडिया एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है।


भारत की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में डिजिटल इंडिया ने गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने और नागरिकों के जीवन को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार से लेकर डिजिटल लेनदेन तक, इस अभियान की अभूतपूर्व सफलता ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है। पिछले एक दशक में, डिजिटल इंडिया ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की नींव रखी है।