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डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए RBI के नए उपाय

भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए नए उपायों की घोषणा की है। इनमें 10,000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए एक घंटे का इंतजार शामिल है। इसके अलावा, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय भी सुझाए गए हैं। जानें और अधिक उपायों के बारे में जो RBI ने पेश किए हैं।
 

डिजिटल लेनदेन में वृद्धि और धोखाधड़ी की चुनौतियाँ

आज के डिजिटल युग में, यूपीआई जैसी एप्लिकेशनों का उपयोग लेनदेन में तेजी से बढ़ रहा है। पिछले दस वर्षों में भारत में डिजिटल भुगतान में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। चाहे वह किचन का सामान हो या महंगा स्मार्टफोन, हर लेनदेन ऑनलाइन हो रहा है। लोगों का डिजिटल भुगतान पर विश्वास बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। डिजिटल धोखाधड़ी की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस समस्या को रोकने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक ने कुछ नए उपायों की घोषणा की है। अब 10,000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए एक घंटे का इंतजार करना पड़ सकता है।


RBI के सुझाव और जनता की भागीदारी

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक दस्तावेज जारी किया है जिसमें डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के उपायों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही, RBI ने जनता से सुझाव भी मांगे हैं। इच्छुक लोग RBI की वेबसाइट पर 'Connect 2 Regulate' लिंक के माध्यम से अपने विचार साझा कर सकते हैं।


साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामले

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में लगभग 28 लाख साइबर धोखाधड़ी की घटनाएँ दर्ज की गई थीं, जिनमें लगभग 23 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायतें शामिल थीं। इन मामलों को रोकने के लिए, RBI ने चार नए उपायों का सुझाव दिया है और जनता की राय भी मांगी है।


10,000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए नया नियम

RBI द्वारा सुझाए गए चार उपायों में से एक यह है कि 10,000 रुपये से अधिक के डिजिटल लेनदेन के लिए एक घंटे का समय अंतराल रखा जाए। इस अवधि के दौरान, बैंक ग्राहक के खाते से अस्थायी रूप से राशि काट लेगा। हालांकि, ग्राहक को एक घंटे के भीतर लेनदेन रद्द करने का विकल्प भी मिलेगा।


बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष उपाय

इसके अतिरिक्त, RBI ने बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए एक नया उपाय पेश किया है। इस उपाय के तहत, किसी विश्वसनीय व्यक्ति के सत्यापन के बाद ही उनके लेनदेन को पूरा करने की अनुमति दी जाएगी। यदि लेनदेन की राशि अधिक होती है, तो यह व्यक्ति सुरक्षा की एक परत के रूप में कार्य करेगा और संदेह होने पर लेनदेन को रोक देगा।


तीसरे उपाय के तहत, RBI ने सुझाव दिया है कि ग्राहकों को डिजिटल भुगतान पर नियंत्रण प्रदान किया जाए, जिसमें विभिन्न भुगतानों के लिए सीमाएँ निर्धारित करने की सुविधा होगी। इससे ग्राहक अपने डिजिटल लेनदेन को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकेंगे।


डिजिटल धोखाधड़ी के लिए म्यूल अकाउंट का उपयोग किया जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए भी RBI ने उपाय सुझाए हैं, जिसमें बिना समीक्षा के एक सीमा से अधिक राशि जमा करने पर रोक लगाने का सुझाव दिया गया है।