डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि: ट्रांसपोर्ट और बिजली उत्पादन पर पड़ेगा असर
डीजल की कीमतों में वृद्धि
डीजल की कीमतों में वृद्धि: इजरायल-ईरान संघर्ष का प्रभाव अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। पहले पावर पेट्रोल के दाम 2 रुपये तक बढ़े और अब इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत में 22 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
बढ़ोतरी का प्रभाव ट्रांसपोर्ट और बिजली उत्पादन पर
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बताया कि इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत अब 87.67 रुपये से बढ़कर 109.59 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस वृद्धि का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और बिजली उत्पादन की लागत पर पड़ेगा।
प्रॉफिट मार्जिन में कमी की संभावना
इंडस्ट्रियल डीजल सामान्य पंपों पर नहीं बेचा जाता, बल्कि इसे फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों में सप्लाई किया जाता है। डीजल की कीमतों में वृद्धि से कंपनियों की लागत में इजाफा होगा, जिससे भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन में कमी आ सकती है।
आम जनता पर प्रभाव
इंडस्ट्रियल डीजल आम वाहनों में नहीं भरा जाता, बल्कि यह केवल औद्योगिक कार्यों में उपयोग होता है। इसे बल्क डीजल भी कहा जाता है और इस पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती। डीजल की बढ़ती कीमतों का व्यापक प्रभाव पड़ेगा, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ने पर आम जनता पर भी असर पड़ेगा।
नई कीमतें लागू
तेल कंपनियों के अनुसार, शुक्रवार 20 मार्च से नई कीमतें लागू हो गई हैं। विभिन्न शहरों के अनुसार इन कीमतों को निर्धारित किया गया है।