डेड सी: पृथ्वी का सबसे निचला स्थान और इसके रहस्य
डेड सी का परिचय
नई दिल्ली: डेड सी, जिसे 'मृत सागर' भी कहा जाता है, विश्व की सबसे अनोखी झीलों में से एक है। इसके नाम के पीछे एक दिलचस्प कारण है: यहां कोई जीव नहीं पनपता। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा इस विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।
नमक की उच्च मात्रा
इसकी मुख्य वजह इसका अत्यधिक नमकीन पानी है। यहां नमक की मात्रा इतनी अधिक है कि मछलियां, पौधे और अधिकांश जीव-जंतु जीवित नहीं रह सकते। इसी कारण इसे 'डेड सी' का नाम दिया गया है। यह एक साधारण समुद्र नहीं है, बल्कि एक खारे पानी का जलाशय है, जो इजरायल और जॉर्डन की सीमा पर स्थित है और पृथ्वी की सतह पर सबसे निचला स्थान है। समुद्र तल से लगभग 400 मीटर या 1,300 फीट नीचे होने के कारण इसे दुनिया का सबसे निचला स्थान माना जाता है। यहां का पानी सामान्य समुद्र के पानी से 8-10 गुना अधिक खारा है।
पानी का घनत्व
नमक की अधिकता के कारण डेड सी के पानी का घनत्व बहुत अधिक है। इस वजह से यहां कोई भी वस्तु डूबने के बजाय सतह पर तैरती रहती है।
नासा की तस्वीरें
नासा के लैंडसैट सैटेलाइट्स द्वारा ली गई तस्वीरें इसकी विशेषताओं को स्पष्ट करती हैं। 1972, 1989 और 2011 में ली गई तस्वीरों में गहरे नीले पानी के साथ-साथ हल्के गुलाबी रंग की झलक भी दिखाई देती है। इन तस्वीरों में लिसान प्रायद्वीप भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो डेड सी को दो हिस्सों में बांटता है। गर्मियों में, यहां का पानी तेजी से वाष्पित होता है, जिससे पानी का स्तर एक दिन में 2-3 सेंटीमीटर तक गिर सकता है। यही कारण है कि पिछले कई दशकों में इसके स्तर में काफी कमी आई है।
इतिहास और उपयोग
डेड सी का इतिहास भी बहुत पुराना है। हजारों सालों से यह स्थान पर्यटकों और उद्योगों को आकर्षित करता रहा है। प्राचीन मिस्रवासियों ने इसके नमक का उपयोग ममी को संरक्षित करने, खाद के रूप में और पोटाश बनाने में किया था। आजकल, यहां से निकाले जाने वाले सोडियम क्लोराइड और पोटेशियम सॉल्ट का उपयोग पानी शुद्धिकरण, बर्फ हटाने और पीवीसी प्लास्टिक बनाने में किया जाता है। पिछले 40 वर्षों में नमक निकालने के बड़े प्रोजेक्ट्स में वृद्धि हुई है, जो सैटेलाइट तस्वीरों में भी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
इस क्षेत्र का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी बहुत अधिक है। 1947 से 1956 के बीच डेड सी के उत्तर-पूर्वी किनारे की गुफाओं में 'डेड सी स्क्रॉल्स' नामक प्राचीन पांडुलिपियां मिली थीं। ये 972 से अधिक टेक्स्ट हिब्रू बाइबिल और अन्य यहूदी-ईसाई ग्रंथों के सबसे पुराने सुरक्षित हिस्से हैं। यह खोज इतिहासकारों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है।
वैज्ञानिक अनुसंधान
नासा और अमेरिकी भूवैज्ञानिक मिलकर लैंडसैट प्रोग्राम का संचालन करते हैं। इसकी तस्वीरें और डेटा इंटरनेट पर सभी के लिए उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से वैज्ञानिक डेड सी के परिवर्तनों पर नजर रखते हैं।