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डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर कड़ा बयान: अमेरिका के हित में सख्त नीतियां

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिका ईरान को एक रात में समाप्त कर सकता है। उन्होंने अपनी सख्त नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका को पहले व्यापार में नुकसान उठाना पड़ रहा था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। ट्रंप ने ईरान के तेल पर कब्जा करने की संभावना भी जताई है। जानें उनके बयान और ईरान के साथ चल रहे तनाव के बारे में।
 

ट्रंप का ईरान के खिलाफ कड़ा अल्टीमेटम


ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को पहले व्यापार में नुकसान उठाना पड़ रहा था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।


वॉशिंगटन: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों का आज 38वां दिन है। इस बीच, अमेरिका द्वारा ईरान को दिया गया अल्टीमेटम आज रात आठ बजे समाप्त हो रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान को एक रात में समाप्त कर सकते हैं, और वह रात आज भी हो सकती है।


ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता नहीं किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अमेरिका की स्थिति में सुधार का दावा किया और कहा कि उनकी सख्त नीतियां देश के हित में हैं। हालांकि, उनके इस बयान पर विपक्ष और कई आलोचकों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।


ईरान के तेल पर कब्जा करने की संभावना

ट्रंप ने कहा कि यदि उनके हाथ में निर्णय होता, तो अमेरिका ईरान के तेल पर कब्जा कर सकता है, क्योंकि वह खुद को एक व्यवसायी मानते हैं। व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले भी वेनेजुएला के साथ तेल के मामले में साझेदारी कर चुका है, इसलिए ईरान के मामले में भी ऐसा किया जा सकता है।


उन्होंने यह भी कहा कि 'जंग जीतने वाले को उसका लाभ मिलना चाहिए' और अमेरिका को इसका उपयोग करना चाहिए। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका युद्ध के बाद संसाधनों पर कब्जा करने की पुरानी नीति से हट सकता है। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका द्वारा अन्य देशों की मदद करने का उल्लेख किया, लेकिन अब ऐसा नहीं होना चाहिए।


अल्टीमेटम की पुनरावृत्ति

इस दौरान ट्रंप ने फिर से कहा कि ईरान के पास समझौता करने के लिए मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक का समय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समय सीमा के भीतर कोई डील नहीं होती, तो ईरान में 'न पुल बचेंगे, न पावर प्लांट' और देश पाषाण युग में पहुंच जाएगा। ट्रंप ने बताया कि ईरान ने पहले सात दिन का समय मांगा था, लेकिन अमेरिका ने उसे 10 दिन दिए। अब यह अंतिम समयसीमा है और यह एक 'महत्वपूर्ण अवधि' है।