डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: अमेरिका ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को भेजे हथियार
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
कहा, हमने उन्हें कुर्दों के जरिए भेजा
डोनाल्ड ट्रंप का बयान: वॉशिंगटन में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त युद्ध का 38वां दिन है। इस दौरान ईरान में अशांति का माहौल बना हुआ है और कई खाड़ी देश ईरान के हमलों से प्रभावित हैं। पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चिंता इस बात से बढ़ रही है कि युद्ध का यह दौर लंबा खिंच रहा है। उन्होंने ईरान को बार-बार चेतावनी दी है, लेकिन इसका कोई असर नहीं हो रहा।
ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इसी बीच, ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है कि अमेरिका ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को हथियार भेजे हैं, जो संभवतः कुर्दों के पास रह गए हैं। ट्रंप ने यह जानकारी एक न्यूज चैनल के संवाददाता को फोन पर दी। एक महीने से चल रहे संघर्ष और कूटनीतिक असफलताओं के बीच ट्रंप का यह बयान ईरान के खिलाफ अमेरिका की नई चेतावनी को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस दावे के साथ ही विश्व को सैन्य और राजनीतिक संकट के लिए तैयार रहना चाहिए।
ट्रंप का हथियारों संबंधी बयान
ट्रंप ने संवाददाता को बताया कि अमेरिका ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को कई हथियार भेजे हैं। उन्होंने कहा, "हमने उन्हें कुर्दों के माध्यम से भेजा, लेकिन मुझे लगता है कि कुर्दों ने उन्हें अपने पास रख लिया।" ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर हमला करके 45,000 लोगों की हत्या की है। इसके साथ ही, ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि मंगलवार को अमेरिका ईरान के बिजली घरों और पुलों पर कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, "कुछ भी नहीं बचेगा! अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला, तो नर्क में रहोगे।"
ट्रंप के बयान के बाद उठे सवाल
ट्रंप ने एक अन्य इंटरव्यू में कहा कि यदि ईरान अमेरिका से समझौता नहीं करता और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोलता, तो अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि गहरी बातचीत चल रही है और समझौते की संभावना है, लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ, तो वह सब कुछ उड़ा देंगे। यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कूटनीतिक प्रयासों के बीच आया है। दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन ईरान ने अमेरिका की चेतावनियों का सामना करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।