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डोनाल्ड ट्रंप का बयान: ईरान समझौते के लिए तैयार, पुनर्निर्माण में लगेगा समय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत में प्रगति की बात की है और संकेत दिया है कि एक समझौता संभव है। उन्होंने ईरान की सैन्य स्थिति और आर्थिक प्रभावों पर भी चर्चा की। ईरान ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है कि वे समझौते के करीब हैं। जानें इस स्थिति का क्या अर्थ है और ट्रंप के बयान का प्रभाव क्या हो सकता है।
 

ईरान के साथ संभावित समझौते की ओर बढ़ते कदम

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति हो रही है, और एक समझौता जल्द ही संभव हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। बुधवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “ईरान किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहता है। पिछले 24 घंटों में हमारी बातचीत बहुत सकारात्मक रही है, और यह पूरी तरह संभव है कि हम एक समझौते पर पहुंच जाएं।”


ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान अब भी अड़ियल नहीं है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, यह एक सीधी बात है। संघर्ष के दौरान ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचा है। उनके पास पहले 159 जहाजों की नौसेना थी, लेकिन अब सभी जहाज समुद्र में बिखरे हुए हैं। उनकी वायुसेना भी पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है।


उन्होंने आगे कहा कि ईरान की विमानरोधी प्रणालियां और मिसाइल भंडार लगभग पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं। ट्रंप ने कहा, “अगर संघर्ष अभी रुकता है, तो ईरान को पुनर्निर्माण में दशकों लगेंगे। अगर हम अभी ईरान को छोड़ दें, तो उन्हें 20 साल लगेंगे।” जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके पास समझौते के लिए कोई समय सीमा है, तो उन्होंने कहा कि कोई समय सीमा नहीं है। यह समझौता होगा।”


अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस संघर्ष के आर्थिक प्रभावों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि गंभीर तेल संकट की आशंकाओं के बावजूद अमेरिकी वित्तीय बाजार स्थिर हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि तेल की कीमतें 200-250 डॉलर तक पहुंच जाएंगी, लेकिन यह अभी 100 डॉलर पर है।” ट्रंप ने यह भी कहा कि जब युद्ध शुरू हुआ था, तब उम्मीद थी कि अमेरिकी बाजारों में गिरावट आएगी, लेकिन अब शेयर बाजार पहले से बेहतर स्थिति में है।


ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों की रुचि का भी उल्लेख किया और व्हाइट हाउस में एक्सॉनमोबिल और शेवरॉन के अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं का जिक्र किया।


इस बीच, ईरान ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि दोनों पक्ष एक समझौते के करीब हैं। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स ने इन रिपोर्टों को मनगढ़ंत बताया और कहा कि ये खबरें वैश्विक बाजारों को प्रभावित करने के लिए बनाई गई थीं।


फार्स ने दो अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान ने अमेरिका के ताजा संदेश का अभी तक जवाब नहीं दिया है, जो पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया था। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि तेहरान अभी अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और अपना आकलन पूरा करने के बाद जवाब देगा।