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डोनाल्ड ट्रंप का मुस्लिम देशों को इजराइल के साथ संबंध सुधारने का संदेश

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी के मुस्लिम देशों को इजराइल के साथ संबंध सुधारने की सलाह दी है। उन्होंने कई मुस्लिम नेताओं से बातचीत की और अब्राहम समझौते में शामिल होने का आग्रह किया। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका ने ईरान संकट को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और अब समय है कि ये देश इजराइल के साथ अपने रिश्ते बेहतर करें। जानें इस पर उनके विचार और बातचीत के प्रमुख बिंदु।
 

ट्रंप का संदेश


नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी के मुस्लिम देशों को इजराइल के साथ अपने संबंधों को सुधारने की सलाह दी है। उन्होंने इस संबंध में मुस्लिम नेताओं से संवाद किया है, जिसमें तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन से भी बातचीत शामिल है। ट्रंप ने कहा कि इन देशों को अब्राहम समझौते में शामिल होना चाहिए, जिसमें वर्तमान में केवल तीन देश शामिल हैं।


रविवार को, ट्रंप ने सऊदी अरब के मोहम्मद बिन सलमान, संयुक्त अरब अमीरात के मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, कतर के तमिम बिन हमद अल थानी, पाकिस्तान के आसिम मुनीर, तुर्की के रजब तैयब एर्दोआन, मिस्र के अब्देल फतह अल-सिसी, जॉर्डन के अब्दुल्ला द्वितीय और बहरीन के हामद बिन ईसा अल खलीफा जैसे कई मुस्लिम नेताओं से चर्चा की।


ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका ने ईरान संकट को सुलझाने के लिए काफी प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि अब इन सभी देशों को अब्राहम समझौते में शामिल होना चाहिए, जिसका उद्देश्य इजराइल के साथ संबंधों को बेहतर बनाना है। जिन देशों का उन्होंने उल्लेख किया, उनमें सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन शामिल हैं। ट्रंप ने बताया कि यूएई और बहरीन पहले से ही अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देशों के पास शामिल न होने के कारण हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश देशों को इस समझौते के लिए तैयार रहना चाहिए।