डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य शक्तियों में कटौती का प्रस्ताव अमेरिकी संसद में पास
ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव
अमेरिकी संसद में ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पास, अपने ही सांसदों ने डाला विरोध में वोट
डोनाल्ड ट्रंप (वॉशिंगटन) : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से दूसरी बार पद ग्रहण किया है, तब से उनके निर्णयों पर सवाल उठने लगे हैं। ट्रंप अपने निर्णयों को देश के हित में बताते हैं, लेकिन उन्हें अपने ही देश में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पहले, अमेरिकी अदालत ने उनकी टैरिफ नीति को अवैध ठहराया था।
अब, अमेरिकी संसद ने ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने का प्रस्ताव पारित किया है। इस वोटिंग में चार रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स का समर्थन किया, जबकि तीन रिपब्लिकन सांसद वोटिंग में शामिल नहीं हुए।
50-47 के रेश्यो से पास हुआ प्रस्ताव
यह प्रस्ताव 50-47 के अनुपात से पारित हुआ है, लेकिन इसे कानून में बदलने के लिए अभी और प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। यदि यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो ट्रंप प्रशासन को ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की अनुमति लेनी होगी। अभी सीनेट में अंतिम वोटिंग होना बाकी है। इसके बाद इसे रिपब्लिकन बहुमत वाली प्रतिनिधि सभा से मंजूरी लेनी होगी। हालांकि, ट्रंप इसके खिलाफ वीटो भी कर सकते हैं, जिसे रद्द करने के लिए सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी, जो वर्तमान में कठिन प्रतीत होता है।
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को हुआ भारी नुकसान
अमेरिका ने 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया था, जिसमें कम से कम 42 सैन्य विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए। यह जानकारी अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च एजेंसी की एक आधिकारिक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन विमानों में लड़ाकू जेट, ड्रोन, हेलीकॉप्टर और एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विमानों के नुकसान के आंकड़े अभी संशोधित हो सकते हैं, क्योंकि कई जानकारियां गोपनीय हैं और कुछ सैन्य गतिविधियां अभी भी जारी हैं।