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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना जताई

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते की दिशा में प्रगति की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान अब समझौता करने के लिए तैयार है और बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने ईरान के परमाणु हथियारों को वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताया और कहा कि किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सके।
 

ईरान के साथ समझौते की दिशा में प्रगति

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की संभावना काफी बढ़ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि परमाणु समझौते पर बातचीत में प्रगति हो रही है और जरूरत पड़ने पर संघर्ष विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाया जा सकता है।


ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान समझौता करने के लिए इच्छुक है और हम उनसे सकारात्मक तरीके से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब उन कदमों को उठाने के लिए तैयार है, जिनके लिए वह पहले तैयार नहीं था।


उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होते हैं, तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सके।


ट्रंप ने कहा कि बातचीत तेजी से आगे बढ़ सकती है और अगली आमने-सामने की बैठक संभवतः वीकेंड में हो सकती है। सीजफायर को लेकर उन्होंने कहा कि इसे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन यह अभी तय नहीं है। यदि हम समझौते के करीब पहुंचते हैं, तो वह इसे बढ़ा सकते हैं।


उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य और आर्थिक दबाव के कारण ही ईरान बातचीत की मेज पर आया है। उन्होंने प्रतिबंधों को प्रभावी बताया और कहा कि इसके कारण ईरान की ताकत काफी कम हो गई है।


उन्होंने कहा कि बाजार और तेल की कीमतों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। शेयर बाजार अच्छा चल रहा है और तेल की कीमतें गिर रही हैं, जिससे ऐसा लगता है कि हम ईरान के साथ एक डील करने जा रहे हैं।


मध्य पूर्व में इजरायल और लेबनान के बीच चल रही बातचीत को लेकर ट्रंप ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के लिए संघर्ष विराम का एक अच्छा प्रस्ताव बन रहा है, जिसमें हिजबुल्लाह भी शामिल हो सकता है।


ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी हाल की बातचीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मेरी उनसे बहुत अच्छी बात हुई, वे अच्छा काम कर रहे हैं।” यूक्रेन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वहां हालात बदल रहे हैं, लेकिन उनका ध्यान फिलहाल ईरान पर है।


ट्रंप ने ईरान पर अपने रुख को लेकर पोप की आलोचना को खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें असहमत होने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि पोप जो चाहें कह सकते हैं, लेकिन वह उनसे असहमत हो सकते हैं। उन्होंने फिर से कहा कि ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने देना वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करेगा।