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डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग का भव्य स्वागत किया, अमेरिका-चीन शिखर वार्ता शुरू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भव्य स्वागत किया, जिससे अमेरिका-चीन शिखर वार्ता की शुरुआत हुई। इस वार्ता में व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ताइवान और ईरान के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। ट्रंप का यह स्वागत समारोह 1962 के बाद किसी विदेशी नेता के लिए सैन्य हवाई अड्डे पर किया गया पहला स्वागत है। दोनों नेता व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगे, जिसमें व्यापार समझौते को बनाए रखने की कोशिश भी शामिल है।
 

अमेरिका-चीन शिखर वार्ता का आगाज


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत सैन्य हवाई अड्डे पर किया। इस अवसर पर व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ताइवान और ईरान के मुद्दों पर तनाव के बीच तीन दिवसीय अमेरिका-चीन शिखर वार्ता की शुरुआत हुई।


ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ने मैरीलैंड के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का भव्य स्वागत किया। इस दौरान 30 मीटर लंबा लाल कालीन बिछाया गया, सैन्य विमानों ने फ्लाईपास्ट किया, और 21 तोपों की सलामी दी गई।


शी का एयर चाइना विमान स्थानीय समयानुसार शाम 5:39 बजे हवाई अड्डे पर उतरा। इसके बाद लाल कालीन के दोनों ओर सैन्य गार्ड तैनात किए गए। ट्रंप और मेलानिया राष्ट्रपति की आधिकारिक कार 'द बीस्ट' से वहां पहुंचे और शी तथा उनकी पत्नी का स्वागत किया।


दोनों दंपतियों ने हाथ मिलाया और थोड़ी बातचीत के बाद लाल कालीन पर साथ-साथ चले और तस्वीरें खिंचवाईं। अमेरिकी सेना और वायुसेना के बैंड ने राष्ट्रगान बजाया, जबकि दो बी-1 बमवर्षक विमानों ने ऊपर से उड़ान भरी।


ट्रंप का यह निर्णय इस यात्रा को महत्वपूर्ण दर्शाता है। यह 1962 के बाद पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने सैन्य अड्डे पर किसी विदेशी नेता का स्वागत किया।


यह शी की 2015 के बाद पहली वाशिंगटन यात्रा है। अमेरिका और चीन कई वर्षों से व्यापार तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि तकनीकी और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जारी है।


गुरुवार को दोनों नेता व्हाइट हाउस में बंद कमरे में बातचीत करेंगे, जिसमें शुल्क, एआई, ताइवान और ईरान युद्ध के प्रभाव पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों पक्ष मौजूदा व्यापार समझौते को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।


अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका और चीन ने शुल्क संबंधी अस्थायी समझौते को जनवरी तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह व्यवस्था मूल रूप से 10 नवंबर को समाप्त होने वाली थी।


बेसेंट ने कहा कि दोनों पक्षों ने इस अस्थायी व्यवस्था को व्यापक व्यापार समझौते में बदलने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।


उन्होंने कहा कि हम केवल बुसान समझौते को जारी रखने या किसी बड़े समझौते पर विचार करने, दोनों विकल्पों के लिए तैयार हैं।


व्यापार संबंधी यह अस्थायी समझौता 2025 में तनाव बढ़ने के बाद हुआ था। उस समय दोनों देशों द्वारा लगाए गए शुल्क कुछ समय के लिए 100 प्रतिशत से अधिक हो गए थे।


चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ में प्रकाशित बयान में शी ने दोनों देशों के बीच सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार होना चाहिए।


शी ने विश्वास जताया कि उनकी यात्रा 'फलदायी परिणाम' देगी।


शी के साथ चीन के वरिष्ठ अधिकारी भी वाशिंगटन पहुंचे हैं, जिनमें उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग और विदेश मंत्री वांग यी शामिल हैं।


बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी प्रमुख मुद्दा रहने की उम्मीद है। दोनों देश उन्नत चिप और एआई प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।


व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि उन्नत कंप्यूटर चिप के व्यापार पर प्रतिबंध भी बैठक का महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा।


गुरुवार को शी के लिए व्हाइट हाउस में पूर्ण सैन्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।


ट्रंप और शी ओवल ऑफिस में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद शी और पेंग राष्ट्रपति और प्रथम महिला द्वारा आयोजित राजकीय रात्रिभोज में शामिल होंगे।


राजकीय रात्रिभोज में अमेरिका के कई प्रमुख प्रौद्योगिकी और कारोबारी अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।


शी की यात्रा शुक्रवार को समाप्त होगी, जब ट्रंप और मेलानिया उनके लिए चाय का आयोजन करेंगे।