डोनाल्ड ट्रम्प का ग्रीनलैंड पर बयान: अमेरिका ही करेगा सुरक्षा
ट्रम्प का ग्रीनलैंड पर कब्जे का तर्क
कहा- ग्रीनलैंड चाहिए, लेकिन ताकत इस्तेमाल नहीं करेंगे, डेनमार्क एहसान फरामोश, सोमालिया मंदबुद्धि
डोनाल्ड ट्रम्प, नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना को उचित ठहराया है। उन्होंने बुधवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा केवल अमेरिका ही कर सकता है। हालांकि, उन्होंने पहली बार यह भी कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए अमेरिका बल का प्रयोग नहीं करेगा। इस पर कब्जे के विरोध में उन्होंने डेनमार्क को एहसान फरामोश बताया।
डेनमार्क का अमेरिका के प्रति आभार
ट्रम्प ने कहा कि जब द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी ने डेनमार्क पर आक्रमण किया था, तब अमेरिका ने ग्रीनलैंड की रक्षा की थी। अमेरिका ने ग्रीनलैंड को डेनमार्क को वापस सौंपा, जो उनकी एक बड़ी गलती थी। डेनमार्क अमेरिका के एहसान को भूल चुका है, और इसी कारण वह अमेरिका से नाराज है।
कनाडा को अमेरिका का आभार
उन्होंने कहा कि कनाडा को अमेरिका से बहुत कुछ मुफ्त में मिलता है और उन्हें इसके लिए आभारी होना चाहिए। कनाडा, अमेरिका की मदद से ही अस्तित्व में है। कनाडाई प्रधानमंत्री को अगली बार बयान देते समय यह बात याद रखनी चाहिए।
वेनेजुएला के साथ तेल समझौता
अमेरिकी कार्रवाई के बाद, वेनेजुएला को भविष्य में बड़ा लाभ होने वाला है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच 5 करोड़ बैरल तेल के लिए समझौता हुआ है। अमेरिका अपनी बड़ी तेल कंपनियों को वेनेजुएला में लाएगा, और दोनों देश मिलकर तेल से होने वाली कमाई को साझा करेंगे।
यूरोप को अमेरिका की नीतियों का पालन करना चाहिए
ट्रम्प ने कहा कि यूरोप के कई हिस्से अब पहले जैसे नहीं रहे हैं। उनकी इमिग्रेशन और आर्थिक नीतियां विफल हो चुकी हैं। यूरोप को अमेरिका की तरह व्यवहार करना चाहिए।
नाटो पर ट्रम्प का संदेह
ट्रम्प ने कहा कि उन्हें संदेह है कि नाटो अमेरिका की मदद करेगा या नहीं। अमेरिका हमेशा अपने सहयोगी देशों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है, लेकिन उन्हें भरोसा नहीं है कि नाटो भी ऐसा करेगा। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की जिम्मेदारी यूरोप की होनी चाहिए। अमेरिका ने यूक्रेन को अरबों डॉलर दिए हैं।
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