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तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव: कांग्रेस और डीएमके के बीच सीटों का विवाद

तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ जोरों पर हैं। पुडुचेरी में मतदान नौ अप्रैल को और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होगा। कांग्रेस ने अपनी सहयोगी पार्टी डीएमके के साथ सीटों को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से केवल दो सीटें जीती थीं। इस बार कांग्रेस ने 22 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। जानें इस चुनावी संघर्ष के पीछे की पूरी कहानी और क्या होगा परिणाम।
 

चुनाव की तारीखें और कांग्रेस का विवाद

तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का आयोजन हो रहा है। पुडुचेरी में मतदान नौ अप्रैल को होगा, जबकि तमिलनाडु में यह 23 अप्रैल को होगा। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस ने अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ मतभेद पैदा कर दिए हैं। यदि पुडुचेरी में डीएमके गठबंधन फिर से जीतने में असफल रहता है, तो इसका मुख्य कारण कांग्रेस होगी। पिछली बार कांग्रेस ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से केवल दो सीटें जीत पाई थीं, जबकि डीएमके ने 13 सीटों में से पांच सीटें जीती थीं। तमिलनाडु में बम्पर जीत के बावजूद, यदि पुडुचेरी में गठबंधन हारता है, तो इसका कारण भी कांग्रेस होगी। इस बार कांग्रेस ने 16 सीटें अपने नाम की हैं और डीएमके को 14 सीटें दी हैं। इसके बाद कांग्रेस ने छह और सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं, जिससे वह कुल 22 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।


कांग्रेस और डीएमके के बीच आंतरिक अनुमान यह है कि कांग्रेस 22 में से चार या पांच सीटें जीत सकती है, जबकि डीएमके अपने 14 में से अधिक सीटें जीतने की स्थिति में है। यदि कांग्रेस कम सीटों पर चुनाव लड़ती, तो 'इंडिया' ब्लॉक की सरकार बन सकती थी।


तमिलनाडु में सीटों का विवाद

कांग्रेस नेताओं ने दबाव डालकर तमिलनाडु में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाई है। पिछली बार कांग्रेस ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि इस बार उसने डीएमके से 28 सीटें ली हैं। इस प्रक्रिया में काफी विवाद उत्पन्न हुआ है। कांग्रेस ने राज्यसभा की एक सीट भी हासिल की है, जिससे डीएमके के नेता नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि, डीएमके ने कांग्रेस की सरकार में शामिल होने की मांग को स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस के नेता चाहते थे कि डीएमके कम सीटों पर चुनाव लड़े, ताकि उसे पूर्ण बहुमत न मिले और वह अन्य पार्टियों पर निर्भर रहे। ध्यान देने योग्य है कि डीएमके 164 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसे बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए।