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तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट: 16 की मौत, कई घायल

तमिलनाडु के कट्टनरपट्टी गांव में एक पटाखा निर्माण इकाई में रविवार को हुए भीषण विस्फोट ने 16 लोगों की जान ले ली है और कई अन्य घायल हुए हैं। घटना के समय लगभग 30 श्रमिक काम कर रहे थे, जब अचानक धमाका हुआ। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शोक व्यक्त किया है और राहत कार्यों की निगरानी के लिए मंत्रियों को भेजा है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने पटाखा उद्योग में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
 

विस्फोट से मची अफरा-तफरी


रविवार को तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के कट्टनरपट्टी गांव में एक पटाखा निर्माण इकाई में भयंकर विस्फोट हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस दुर्घटना में अब तक 16 लोगों की जान चली गई है, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह जानकारी अग्निशामक और बचाव विभाग के अधिकारियों ने दी।


मलबे में दबे कई श्रमिक

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब लगभग 30 श्रमिक फैंसी पटाखों की मालाएं बनाने में व्यस्त थे। अचानक हुए इस जोरदार धमाके ने पूरे परिसर को हिला दिया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इमारत के कुछ हिस्से पूरी तरह से ढह गए, जिससे कई श्रमिक मलबे में फंस गए।


यह पटाखा निर्माण इकाई गोविंदनल्लूर के निवासी मुथु मणिकम के स्वामित्व में थी। घटना के बाद, आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।


घायलों का इलाज जारी

घायलों को तुरंत विरुधुनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।


मुख्यमंत्री का शोक

इस दुखद घटना पर राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने संबंधित मंत्रियों के.के.एस.आर. रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया है।


इसके अलावा, उन्होंने जिला कलेक्टर से भी संपर्क कर सभी आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने को कहा है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। यह घटना एक बार फिर से पटाखा उद्योग में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठाती है।