तरुण तेजपाल ने 2013 के रेप केस में सरेंडर किया, 10 साल की सजा का सामना
तरुण तेजपाल का सरेंडर
तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने 2013 में हुए यौन उत्पीड़न मामले में 10 साल की कठोर सजा काटने के लिए सरेंडर कर दिया है। उन्होंने सोमवार को गोवा की मापुसा कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद उन्हें उत्तर गोवा के कोलवाले स्थित केंद्रीय जेल भेजा गया। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अपनी सजा के खिलाफ अपील से पहले सरेंडर करने का निर्देश दिया था। तेजपाल ने सरेंडर के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन गोवा की एडमिशन सेशंस कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। अंततः, उन्होंने 14 सितंबर को सरेंडर किया।
मामले का विवरण
यह मामला 2013 का है, जब तरुण तेजपाल पर आरोप लगा था कि उन्होंने गोवा के एक होटल की लिफ्ट में अपनी जूनियर महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न किया। प्रारंभिक सुनवाई के बाद, गोवा की ट्रायल कोर्ट ने 2021 में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था, लेकिन गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
6 अगस्त 2026 को, बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय को पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया और 10 साल की कठोर सजा सुनाई। इसके बाद, तेजपाल ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए सहमति जताई, लेकिन उससे पहले तेजपाल को सरेंडर करने का आदेश दिया। कोर्ट ने 25 अगस्त को कहा था कि तेजपाल को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने उनकी सरेंडर से छूट की याचिका को खारिज कर दिया।
आगे की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि सरेंडर सर्टिफिकेट 21 सितंबर, 2026 को या उससे पहले जमा किया जाता है, तो रजिस्ट्री मामले को 22 सितंबर, 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेगी। अब जब तरुण तेजपाल ने सरेंडर कर दिया है, तो उनके मामले पर सुनवाई हो सकती है। सरेंडर के बाद, तेजपाल ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।