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तिहाड़ जेल में आरोपी ने धार्मिक किताबें पढ़ने की मांगी अनुमति

तिहाड़ जेल में बंद धनंजय लोखंडे ने धार्मिक और ऐतिहासिक किताबें पढ़ने की अनुमति मांगी है। अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया है, लेकिन यह राहत नहीं है। लोखंडे पर NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में गंभीर आरोप हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के आदेश के पीछे की प्रक्रिया।
 

धनंजय लोखंडे की किताबें पढ़ने की इच्छा


नई दिल्ली: देश की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र लीक मामले में तिहाड़ जेल में बंद धनंजय निवृत्ति लोखंडे ने धार्मिक और ऐतिहासिक साहित्य पढ़ने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने दिल्ली की विशेष अदालत से हनुमान चालीसा, मंगल स्तोत्र और रंजीत देसाई के उपन्यास 'श्रीमान योगी' को पढ़ने की अनुमति मांगी। अदालत ने जेल के नियमों और सुरक्षा जांच की शर्तों के साथ उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया है।


अदालत का आदेश और प्रक्रिया

विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने 1 सितंबर को लोखंडे की याचिका पर आदेश जारी किया। इसके अनुसार, उनके परिवार के सदस्य या अधिकृत वकील किताबें जेल में पहुंचा सकते हैं, लेकिन उन्हें सीधे नहीं दिया जाएगा। जेल प्रशासन द्वारा सभी सामग्री की सुरक्षा जांच की जाएगी, और केवल अनुमति मिलने के बाद ही ये पुस्तकें लोखंडे तक पहुंचेंगी। अदालत का निर्णय केवल पढ़ने की सामग्री उपलब्ध कराने से संबंधित है।


प्रश्नपत्र लीक मामले में आरोप

क्या हैं आरोप? केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुसार, लोखंडे उस नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसके माध्यम से महाराष्ट्र से प्रश्नपत्र से संबंधित सामग्री अन्य राज्यों में भेजी गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने पुणे की आरोपी मनीषा वाघमारे से परीक्षा सामग्री प्राप्त की और उसे शुभम खैरनार तक पहुंचाया। इसके बाद यह सामग्री हरियाणा के रास्ते राजस्थान तक पहुंची। इन आरोपों पर अदालत में सुनवाई अभी बाकी है।


NEET-UG परीक्षा का संदर्भ

22.7 लाख अभ्यर्थियों का मामला NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें 22.7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसके बाद 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित की गई और 16 जुलाई को परिणाम घोषित किया गया। मामले की जांच महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान तक फैली हुई है। CBI अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।


किताबें पढ़ने की अनुमति का अर्थ

क्या है इसका मतलब? अदालत से धार्मिक और ऐतिहासिक किताबें पढ़ने की अनुमति मिलने का यह अर्थ नहीं है कि लोखंडे को प्रश्नपत्र लीक मामले में कोई राहत मिली है। वह अभी न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ लगे आरोपों की कानूनी प्रक्रिया जारी है। किताबें जेल प्रशासन की सुरक्षा जांच और नियमों के तहत ही उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रश्नपत्र लीक में उनकी कथित भूमिका पर अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।