तृणमूल कांग्रेस को मिला 'लिफाफा' चुनाव चिह्न, ममता बनर्जी ने उठाए सवाल
चुनाव आयोग का नया आदेश
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत बनर्जी गुट को 'लिफाफा' चुनाव चिह्न आवंटित किया है। यह निर्णय पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों के संदर्भ में लिया गया। इस आदेश के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने चुनाव आयोग पर कटाक्ष किया।
सौरव दास की प्रतिक्रिया
सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि TMC से अलग हुए गुट को लिफाफा चिह्न मिला है। उन्होंने यह भी पूछा कि लिफाफे में क्या भरा गया है। उनका कहना था कि इस देश में चुटकुले अपने आप बनते हैं।
आदेश में क्या कहा गया?
चुनाव आयोग ने गुरुवार रात को एक निर्देश जारी किया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विद्रोही नेता ऋतब्रत बनर्जी के गुटों को उपचुनावों में पार्टी का नाम ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और उसका 'जोड़ा घास फूल' चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया गया। दोनों गुटों को नए नाम और चिह्न के विकल्प प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।
TMC की नई पहचान
आदेश के अनुसार, ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और विद्रोही गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम दिया गया। ममता बनर्जी के गुट को 'फुटबॉल खिलाड़ी' चिह्न मिला, जबकि विद्रोही गुट को 'लिफाफा' चिह्न आवंटित किया गया।
उपचुनाव की तारीख
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे। वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी।
ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन उनके लोकतांत्रिक इतिहास में एक काला दिन है।
राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग का यह निर्णय राजनीतिक रूप से सुनियोजित हस्तक्षेप का परिणाम है। उन्होंने चेतावनी दी कि वर्तमान में सत्ता में बैठे लोगों को अपनी सीमाएं समझनी चाहिए, क्योंकि भविष्य में वे सत्ता में नहीं रह सकते।