×

तेलंगाना अस्पताल में आग: नवजातों की मौत से फैली शोक की लहर

तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित RIMS अस्पताल में एक भयानक आग लगने की घटना में तीन नवजात बच्चों की जान चली गई। एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट के कारण यह आग लगी, जिससे पूरे वार्ड में धुआं भर गया। प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है। जानें इस दर्दनाक हादसे के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

भयानक हादसा तेलंगाना के अस्पताल में


नई दिल्ली: तेलंगाना के आदिलाबाद में स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में सोमवार रात एक गंभीर घटना घटी, जिसने तीन परिवारों की खुशियों को छीन लिया। अस्पताल के नवजात वार्ड में एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिससे पूरा वार्ड धुएं से भर गया। इस दुखद घटना में तीन नवजात बच्चों की जान चली गई, जिनमें से एक केवल 5 दिन का था। इस घटना के बाद मृत बच्चों के परिवारों में गहरा शोक है और पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है।


AC में धमाका, तीन बच्चों की जान गई


सोमवार रात लगभग 11:40 बजे SNCU वार्ड के AC में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग की लपटें उठने लगीं। उस समय वार्ड में 24 नवजात बच्चे भर्ती थे, जिन्हें सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। आग लगने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलने पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। अग्निशामक दल ने समय पर आग पर काबू पा लिया और इसे अन्य वार्डों में फैलने से रोक दिया।


निज़ामाबाद में एक और बच्चे की मौत


धुएं के प्रभाव से बच्चों की स्थिति बिगड़ने लगी। रेस्क्यू टीम ने 20 से अधिक बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें पास के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया।
धुएं और जलने के कारण इलाज के दौरान अब तक तीन बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। प्रारंभिक बचाव कार्य के दौरान एक 26 हफ्ते के प्रीमैच्योर बच्चे ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य बच्चों का विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज जारी है। मंगलवार को निज़ामाबाद में एक और नवजात ने अंतिम सांस ली, जिससे मृतकों की संख्या तीन हो गई।


जांच के आदेश जारी


इस घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर राजर्षि शाह और पुलिस अधीक्षक अखिल महाजन ने RIMS अस्पताल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि आग लगने के तकनीकी कारणों और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की जांच की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता उन बच्चों की जान बचाना है जो अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं और उन्हें वेंटिलेटर व ऑक्सीजन जैसी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है। इस दुखद घटना के बाद मृत बच्चों के परिवारों में गहरा शोक है और पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है。