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तेलंगाना के मुख्यमंत्री का अल्पसंख्यक छात्रों पर विवादास्पद बयान

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के अल्पसंख्यक छात्रों पर दिए गए बयान ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र तकनीकी रूप से सक्षम हैं, लेकिन अध्ययन में कठिनाई महसूस करते हैं। इस बयान पर BJP ने तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
 

राजनीतिक विवाद की शुरुआत


तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के अल्पसंख्यक छात्रों के संबंध में दिए गए बयान ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। हैदराबाद में आयोजित माइनॉरिटीज एक्सीलेंस समिट में उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र राफेल लड़ाकू विमान को खोलकर फिर से जोड़ने की तकनीकी क्षमता रखते हैं, लेकिन किताबों में पढ़ी चीजें याद रखने में उन्हें कठिनाई होती है।


अल्पसंख्यक छात्रों की तकनीकी दक्षता

रेवंत रेड्डी ने अपने भाषण में अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को 'स्किल्ड लेबर' के रूप में वर्णित किया और उनकी व्यावहारिक दक्षता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें राफेल दिया जाए, तो वे उसे खोलकर फिर से जोड़ सकते हैं। इस उदाहरण का उद्देश्य समुदाय के युवाओं की क्षमताओं को उजागर करना था।


कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने 'शादी मुबारक', 'कल्याण लक्ष्मी', 'इंदिरम्मा इंदलु' और 'गृह ज्योति' जैसी योजनाओं का जिक्र किया। गृह ज्योति योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था का भी उन्होंने उल्लेख किया।


बिजली बिल पर प्रतिक्रिया

हैदराबाद के पुराने शहर में बिजली बिलों को लेकर उठ रही आलोचनाओं पर रेवंत रेड्डी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बिजली का उपयोग करते हैं लेकिन बिल का भुगतान नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना ऐसे परिवारों के लिए सहायक है।


समान व्यवहार की प्रतिबद्धता

रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार हिंदू और मुस्लिम समुदायों के साथ समान व्यवहार करने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोनों समुदायों को अपनी 'दो आंखें' बताया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की धर्मनिरपेक्ष राजनीति का उल्लेख करते हुए अल्पसंख्यक युवाओं को शासन और विकास में भागीदार बनाने की बात भी कही।


आरक्षण का जिक्र

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों को दिए गए 4 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक युवा शिक्षक बनकर और अन्य क्षेत्रों में योगदान देकर देश के लिए मिसाल कायम कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें अल्पसंख्यकों को 'राष्ट्रविरोधी' के रूप में देखा जाए।


BJP का तुष्टिकरण का आरोप

रेवंत रेड्डी के बयान पर तेलंगाना BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के प्रदेश सचिव तुल्ला वीरेंद्र गौड़ ने आरोप लगाया कि सरकार कानून लागू करने के बजाय एक विशेष समुदाय को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पुराने शहर में बिजली बिलों की वसूली को लेकर भी सरकार से सवाल उठाए और कहा कि बकाया होने पर नियमों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।


राजनीतिक गर्मी में वृद्धि

BJP नेता ने मुख्यमंत्री पर 'अल्पसंख्यक तुष्टिकरण' की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए भेदभाव रहित शासन की मांग की। दूसरी ओर, रेवंत रेड्डी सरकार अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं और समान अवसरों को अपनी नीतियों का हिस्सा बता रही है। 'राफेल' टिप्पणी ने इस राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।