तेलंगाना में स्कूल प्रिंसिपल की हत्या: दो नाबालिग छात्रों की गिरफ्तारी
नलगोंडा में प्रिंसिपल की हत्या का मामला
नलगोंडा: तेलंगाना के नलगोंडा जिले में एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल, रूपा रेड्डी, की हत्या के मामले में पुलिस ने 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, इन छात्रों ने चोरी के दौरान पकड़े जाने के डर से रूपा की हत्या की। यह घटना 11 अगस्त को हुई थी, और पुलिस ने वारदात के आठ दिन बाद आरोपियों तक पहुंच बनाई।
रूपा की उम्र 35 वर्ष थी और उन्हें उनके घर में अकेले रहने के दौरान चाकू से 27 बार वार किया गया। जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग उस फोन कॉल से मिला, जो उन्होंने अपनी आंटी को की थी। कॉल के दौरान उन्होंने 'बाबू' शब्द कहा था, जिसके आधार पर पुलिस ने स्कूल के छात्रों की भूमिका की जांच शुरू की।
छात्र की पूर्व चोरी की घटना
जांच के दौरान यह पता चला कि हत्या से लगभग 15 दिन पहले, रूपा ने एक छात्र को मोबाइल फोन और नकद के साथ पकड़ा था। इस घटना के बाद उसे स्कूल से निकाल दिया गया था। पुलिस का मानना है कि इसी घटना के कारण छात्र में रूपा के प्रति नाराजगी पैदा हुई। इसके अलावा, उसे यह भी पता था कि 11 अगस्त को स्कूल में फीस जमा होनी थी, जिससे उसे लगा कि उस दिन रूपा के घर में काफी नकदी हो सकती है।
रेकी और घर में घुसपैठ
पुलिस के अनुसार, दोनों छात्रों ने इलाके की रेकी की और CCTV कैमरों की स्थिति का पता लगाया। वारदात के दिन, एक छात्र दीवार फांदकर घर के अंदर गया, जबकि दूसरा बाहर इंतजार करता रहा। अंदर पहुंचने के बाद, छात्र को डर था कि रूपा उसे पहचान लेंगी और चोरी की शिकायत कर देंगी। इसी डर में उसने रूपा पर हमला कर दिया और 27 बार चाकू से वार किया, साथ ही वहां से लगभग 2.5 लाख रुपये लेकर भाग गया।
पुलिस को संदेह कैसे हुआ
हत्या के बाद, दोनों छात्रों के अचानक पैसे खर्च करने और दोस्तों के साथ पार्टी करने की जानकारी पुलिस को मिली। बुधवार सुबह, दोनों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने एक छात्र के पास से 1.51 लाख रुपये नकद और एक आईफोन बरामद किया। प्रारंभ में, छात्र ने दावा किया कि पैसे उसे माता-पिता ने दिए हैं, लेकिन फॉरेंसिक जांच में नकदी पर इंसानी खून के निशान मिले।
दोनों नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया है, और उन्हें जुवेनाइल होम भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या के पीछे चोरी के अलावा कोई अन्य कारण था या नहीं।