तेहरान में समुद्री सुरक्षा पर बढ़ते खतरे, भारतीय नाविक सुरक्षित
समुद्री मार्गों पर बढ़ता तनाव
तेहरान: पश्चिम एशिया में समुद्री मार्गों पर सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। ओमान के पूर्व में लगभग चार समुद्री मील की दूरी पर एक कच्चे तेल के टैंकर पर शुक्रवार रात को अज्ञात मिसाइल से हमला किया गया। यूनाइटेड किंगडम समुद्री व्यापार संचालन (यूकेएमटीओ) के अनुसार, इस हमले में टैंकर के बाईं ओर प्रक्षेपास्त्र लगा। हालांकि, जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हुआ है। अधिकारियों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में यात्रा कर रहे अन्य जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कुवैत के झंडे वाले टैंकर पर भी हमला
इसी दौरान, होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैत के झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर एमटी काज़िमा-3 पर भी मिसाइल से हमला हुआ। ओमान में भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि जहाज पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित किनारे पहुंचा दिया गया है। दूतावास ने बचाव कार्य में सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ध्यान
समुद्री जहाजों की जानकारी के अनुसार, एमटी काज़िमा-3 कुवैत के झंडे वाला टैंकर है, जो टोगो के लोमे बंदरगाह की ओर जा रहा था। हमले के बाद, सभी पांच भारतीय नाविकों को सुरक्षित रूप से जहाज से निकालकर किनारे पहुंचाया गया।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती समुद्री सुरक्षा चिंताओं के बीच, भारत अपने नागरिक नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रख रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि फारस की खाड़ी में भारत के हित से जुड़े 12 वाणिज्यिक जहाज हैं, जिनमें छह भारतीय और छह विदेशी झंडे वाले जहाज शामिल हैं। इन जहाजों पर लगभग 163 भारतीय नाविक सवार हैं।
इसके अलावा, क्षेत्र में विभिन्न वाणिज्यिक जहाजों पर 4,500 से अधिक भारतीय नाविक मौजूद हैं। जहाजरानी मंत्रालय भारतीय राजनयिक मिशनों और स्थानीय हितधारकों के साथ मिलकर जहाजों की आवाजाही और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है। भारत ने अपने समुद्री समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।