थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा को कोर्ट ने बर्खास्त किया
पैटोंगटार्न शिनावात्रा की बर्खास्तगी
थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा को शुक्रवार को संवैधानिक अदालत द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए दोषी ठहराया गया और उन्हें पद से हटा दिया गया। एक वर्ष से सत्ता में रहने वाली पैटोंगटार्न को इस निर्णय के बाद राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। यह निर्णय शिनावात्रा परिवार की राजनीतिक विरासत के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
वास्तव में, जब पड़ोसी देश कंबोडिया के साथ सीमा विवाद के चलते तनाव बढ़ रहा था, तब पैटोंगटार्न की पूर्व कंबोडियाई नेता हुन सेन के साथ फोन पर हुई बातचीत लीक हो गई थी। इस लीक कॉल में पैटोंगटार्न ने हुन सेन को 'अंकल' कहकर संबोधित किया और उनके अनुरोधों पर विचार करने की बात कही। इसके साथ ही, उन्होंने सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी की आलोचना की, जिसके बाद उन पर आरोप लगे कि उन्होंने राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज किया।
पैटोंगटार्न शिनावात्रा की बर्खास्तगी के बाद थाईलैंड में राजनीतिक संकट उत्पन्न होता दिखाई दे रहा है। अदालत के इस निर्णय के बाद संसद को नए प्रधानमंत्री का चुनाव करना होगा। हालांकि, यह चुनावी प्रक्रिया लंबी हो सकती है। पैटोंगटार्न की सत्तारूढ़ पार्टी अब नाजुक बहुमत के साथ अपने गठबंधन को बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रही है।