द केरला स्टोरी-2: डायरेक्टर ने विरोध प्रदर्शनों पर दी प्रतिक्रिया
फिल्म की स्क्रीनिंग फिर से शुरू
मुंबई। फिल्म 'द केरला स्टोरी-2 गोज़ बियॉन्ड' के निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने हाल ही में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सिनेमा हॉल ने फिल्म की स्क्रीनिंग को फिर से शुरू कर दिया है। शुक्रवार को केरल हाई कोर्ट द्वारा फिल्म पर लगे बैन को हटाने के बाद, उन्होंने सत्य की जीत पर जोर दिया। उनका कहना था कि सत्य परेशान होता है, लेकिन कभी हारता नहीं है। कोर्ट के निर्णय ने इस बात को साबित कर दिया है। यह कहानी हमारे लिए केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक गहरी भावना है। हमारी जिम्मेदारी है कि देश के लोग जानें कि हमारी बेटियों को किस प्रकार से साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
फिल्म का संदेश और विरोध
कामाख्या नारायण सिंह ने कहा कि यह आवश्यक है कि सभी लोग जानें कि हमारी बेटियों को कैसे साजिश के जरिए शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिल्म उन लड़कियों की लड़ाई को दर्शाती है, जो अपनी कहानियों के साथ सामने आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश को उनके बारे में जानना चाहिए। निर्देशक ने फिल्म के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी चर्चा की और कहा कि केरल से कुछ वीडियो सामने आए हैं, जहां कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। लेकिन उनका मानना है कि ये समाज के कुछ असामाजिक तत्व हैं। हमें अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है। हमारी फिल्म एक आध्यात्मिक सीक्वल है, जो केवल केरल की नहीं, बल्कि पूरे देश की कहानी को बयां करती है। यह हर गली, हर कोने और हर मोहल्ले में फैल रही है।
फिल्म की रिलीज पर हाई कोर्ट का फैसला
कामाख्या नारायण सिंह ने दर्शकों से 'द केरला स्टोरी-2' देखने की अपील की, ताकि जागरूकता बढ़ सके। केरल हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को फिल्म की रिलीज पर लगी रोक को हटा दिया। जस्टिस एसए धर्माधिकारी और पीवी बालकृष्णन की बेंच ने सिंगल बेंच के जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस के अंतरिम आदेश पर रोक लगाई थी, जिसने रिलीज पर 15 दिनों के लिए रोक लगाई थी। यह फिल्म तीन युवा लड़कियों की कहानी को दर्शाती है, जो धोखेबाज़ शादियों में फंस जाती हैं और कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन का सामना करती हैं।