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दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक: अमित शाह के नेतृत्व में उठे महत्वपूर्ण मुद्दे

महाबलीपुरम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में परिसीमन, NEET परीक्षा और जल बंटवारे जैसे विषयों पर दक्षिणी राज्यों के नेताओं ने अपनी चिंताएं व्यक्त की। कर्नाटक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर चिंता जताई, जबकि तमिलनाडु ने NEET परीक्षा के लिए विशेष मांगें रखीं। जल बंटवारे पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें विभिन्न राज्यों ने अपने-अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इस बैठक के परिणामों का प्रभाव आने वाले समय में देखने को मिलेगा।
 

महाबलीपुरम में केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में बैठक


नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों ने परिसीमन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, NEET, नदी जल बंटवारे और आर्थिक हिस्सेदारी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। राज्यों ने यह भी कहा कि विकास के साथ-साथ उनकी राजनीतिक आवाज और राष्ट्रीय नीतियों में भागीदारी को बनाए रखना आवश्यक है।


परिसीमन पर दक्षिणी राज्यों की चिंताएं

बैठक में परिसीमन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने चिंता व्यक्त की कि यदि जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों का पुनर्वितरण किया गया, तो इससे दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक ताकत में कमी आ सकती है। विजय ने कहा कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और विकास में अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें अपने राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कमी नहीं आने दी जानी चाहिए।


#WATCH चेंगलपट्टू, तमिलनाडु | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता की।

इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने केंद्रीय गृह मंत्री का सम्मान किया।

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और… pic.twitter.com/hEvHFluvkb

— News Media (@AHindinews) August 20, 2026


डीके शिवकुमार ने परिषद से अपील की कि दक्षिणी राज्यों की संसदीय ताकत को बनाए रखने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाए। उन्होंने मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को बनाए रखने और इसी संख्या के भीतर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का सुझाव दिया।


NEET पर तमिलनाडु की विशेष मांग

बैठक में NEET परीक्षा का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए कठिनाई पैदा करती है। उन्होंने राज्य कोटे के तहत MBBS, BDS और AYUSH में दाखिले के लिए 12वीं के अंकों को आधार बनाने की मांग की।


जल बंटवारे पर चर्चा

बैठक में कावेरी और अन्य नदियों के जल बंटवारे पर भी चर्चा हुई। कर्नाटक ने मेकेदातु परियोजना के लिए सहयोग की मांग की। वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ परियोजना के माध्यम से 500 टीएमसी से अधिक पानी के उपयोग का प्रस्ताव रखा। केरल ने मुल्लापेरियार बांध, तटीय सुरक्षा और रेल कनेक्टिविटी से संबंधित मुद्दे उठाए। इसके साथ ही राज्य ने तटीय कटाव और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए केंद्र से अधिक सहयोग की मांग की।


चंद्रबाबू नायडू ने दक्षिणी राज्यों के बीच बेहतर परिवहन, लॉजिस्टिक्स, बिजली और बंदरगाह नेटवर्क बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में नशे की तस्करी, तटीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अंतरराज्यीय सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।