दहेज की मांग पर पति ने गर्भवती पत्नी को मारा लात, दो बच्चों की हुई मौत
भदोही में दहेज के लिए क्रूरता का मामला
नई दिल्ली - उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से एक च shocking घटना सामने आई है, जिसमें दहेज की मांग पूरी न होने पर एक महिला के साथ अत्यधिक क्रूरता की गई। आरोप है कि पति ने गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारकर उसके गर्भ में पल रहे दो बच्चों की जान ले ली। इस मामले में पति, सास और अन्य छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय आराधना शुक्ला ने जनसुनवाई कार्यक्रम में अपने पति अभिनेष शुक्ला, सास गीता देवी और जेठ प्रदीप शुक्ला के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर गोपीगंज थाने में भारतीय दंड संहिता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि आराधना की शादी 21 मई 2022 को हुई थी। शादी में पर्याप्त दहेज दिए जाने के बावजूद ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त 10 लाख रुपये की मांग की। मांग पूरी न होने पर आराधना को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। जब वह आठ महीने की गर्भवती थी, तब उसके पति ने बेरहमी से उसके पेट पर लात मारी, जिससे उसके गर्भस्थ बच्चे की मौत हो गई।
इसके बाद, समझौते के प्रयास में आराधना को दिल्ली ले जाया गया, लेकिन वहां भी उसे प्रताड़ित किया गया। जुलाई 2025 में फिर से गर्भवती होने पर 20 सितंबर को एक बार फिर 10 लाख रुपये की मांग को लेकर उसकी पिटाई की गई, जिससे दूसरे बच्चे की भी मौत हो गई।
इतना ही नहीं, गंभीर हालत में भी पति ने उसे मोटरसाइकिल से भदोही लाया और ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के पास सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गया। जाते-जाते उसने धमकी दी कि अगर दहेज की रकम नहीं लाई गई तो उसे जला दिया जाएगा। पीड़िता ने पहले भी महिला थाना और स्थानीय पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना दहेज प्रथा की भयावहता को उजागर करती है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।