दादरी में संदिग्ध मौत: 20 वर्षीय मोनिका नागर का मामला
गौतम बुद्ध नगर में संदिग्ध मौत का मामला
गौतम बुद्ध नगर: दादरी क्षेत्र के घोड़ी बछेड़ा गांव में 20 वर्षीय मोनिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। जब ससुराल पक्ष ने शव का अंतिम संस्कार करने की जल्दी दिखाई, तब मायके पक्ष की सूचना पर पुलिस ने जलती चिता से शव को बाहर निकाला। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिवार की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
प्रेम विवाह के बाद उत्पन्न विवाद
सूत्रों के अनुसार, मोनिका नागर ने 16 फरवरी को अनुज चौहान से कोर्ट मैरिज की थी। दोनों के परिवारों के बीच पहले से संबंध थे, और दोनों के पिता ग्रेटर नोएडा में ऑटो चलाते हैं। प्रारंभ में परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे, लेकिन दोनों की जिद के कारण शादी की अनुमति दी गई। हालांकि, शादी के तीन महीने के भीतर ही रिश्ते में तनाव की खबरें आने लगीं। परिवार का आरोप है कि मोनिका को शादी के बाद लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
रुपये के विवाद के बाद मिली मोनिका का शव
गुरुवार को मोनिका और अनुज के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। गांव के निवासियों के अनुसार, दोनों के बीच तीखी बहस हुई। ससुराल पक्ष का कहना है कि विवाद के बाद मोनिका कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो उसका शव मिला। लेकिन मायके पक्ष इस कहानी को मानने को तैयार नहीं है और उनका आरोप है कि मोनिका की हत्या की गई है।
मोनिका की मां का गंभीर आरोप
मोनिका की मां रेनू नागर ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि घटना से पहले मोनिका ने फोन पर बताया था कि उसके साथ मारपीट की जा रही है। जब परिवार घोड़ी बछेड़ा पहुंचा, तो उन्होंने देखा कि ससुराल पक्ष के लोग शव को कार में रखकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। मां ने आरोप लगाया कि अनुज और उसके परिवार ने मिलकर मोनिका की हत्या की है।
संपत्ति को लेकर दबाव का आरोप
परिवार का कहना है कि मोनिका के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति थी। आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पक्ष उस संपत्ति को बेचने का दबाव बना रहा था। मोनिका की मां ने कहा कि दहेज और पैसों को लेकर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था।
पुलिस ने जलती चिता से निकाला शव
पुलिस को मामले की सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंची। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दादरी के एसीपी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जब पुलिस पहुंची, तब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए शव को चिता से बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शव का कुछ हिस्सा जल चुका था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।