दिग्गज गायक रेमो फर्नांडिस ने लाइव कॉन्सर्ट से लिया संन्यास
रेमो फर्नांडिस का भावुक संन्यास
लंदन: संगीत की दुनिया में एक दुखद समाचार सामने आया है। प्रसिद्ध रॉक गायक रेमो फर्नांडिस, जिन्होंने अपने हिट गानों जैसे 'हुम्मा-हुम्मा' से लाखों दिलों पर राज किया, ने लाइव कॉन्सर्ट से हमेशा के लिए अलविदा कहने का निर्णय लिया है। दशकों तक अपनी अद्भुत आवाज और परफॉर्मेंस से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले रेमो ने अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर फैंस को चौंका दिया है। उन्होंने कोविड-19 वैक्सीन और अपनी बिगड़ती सेहत को इस फैसले का मुख्य कारण बताया है।
आखिरी परफॉर्मेंस में छलका दर्द
रेमो ने यह भावुक घोषणा ब्रिटेन के हाउनस्लो में 'गोवा डे' समारोह के दौरान की। जब वह काली शर्ट और जींस में स्टेज पर आए, तो दर्शकों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया। लेकिन उनकी बातें सुनकर वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने दर्शकों से माफी मांगते हुए कहा कि अब उनके लिए खड़े होकर गाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी आवाज और उंगलियां अब पहले जैसी नहीं रहीं, इसलिए उन्हें बैठकर गाना होगा।
कोविड वैक्सीन का प्रभाव
रेमो ने अपनी सेहत के बारे में खुलकर बात की और बताया कि कोविड वैक्सीन ने उनके शरीर पर गंभीर असर डाला है। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तीसरी डोज लेने के बाद उन्हें हल्का स्ट्रोक आया, जिसने उनके गिटार और बांसुरी बजाने की क्षमता को प्रभावित किया। इसके अलावा, पिछले साल वर्टिगो की समस्या के कारण उन्हें सिर का बड़ा ऑपरेशन भी करवाना पड़ा। इन समस्याओं के चलते वह लंबे समय से स्टेज से दूर थे, लेकिन फैंस के प्यार और आयोजकों के आग्रह पर उन्होंने इस बार परफॉर्म करने का निर्णय लिया।
एक घंटे का यादगार कॉन्सर्ट
अपनी शारीरिक समस्याओं को दरकिनार करते हुए, रेमो ने अपने विदाई कॉन्सर्ट में एक घंटे तक दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने अपने प्रसिद्ध गाने 'मारिया पिताचे' और 'हुम्मा हुम्मा' गाकर पुरानी यादों को ताजा किया। रेमो को बॉलीवुड में असली पहचान फिल्म 'बॉम्बे' के गाने 'हुम्मा हुम्मा' से मिली थी। उनके गाने 'जलवा', 'प्यार तो होना ही था', और 'खामोशी' ने उन्हें भारतीय संगीत में एक विशेष स्थान दिलाया। अब उनके अचानक विदाई लेने से म्यूजिक इंडस्ट्री और फैंस के बीच एक गहरा खालीपन आ गया है।