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दिग्विजय दिवस: स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन की 133वीं वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि

स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो उद्बोधन की 133वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न मुख्यमंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके विचारों की प्रासंगिकता और भारतीय संस्कृति के प्रति उनके योगदान को सराहा गया। जानें इस विशेष दिन के महत्व और स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक शब्दों के बारे में।
 

स्वामी विवेकानंद का ऐतिहासिक उद्बोधन

नई दिल्ली: स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध 'शिकागो उद्बोधन' की 133वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई अन्य नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। यह दिन हर साल 'दिग्विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है।


प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "11 सितंबर 1893, शिकागो। स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक भाषण ने भारत की सांस्कृतिक धरोहर को उजागर किया। उनके शब्द आज भी विश्वभर में गूंजते हैं।"


सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस अवसर पर कहा, "स्वामी विवेकानंद का शिकागो में दिया गया भाषण भारत की संस्कृति का परिचय कराता है। यह हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। 'दिग्विजय दिवस' पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।"


योगी आदित्यनाथ ने अपने पोस्ट में लिखा, "स्वामी विवेकानंद का ओजस्वी उद्बोधन भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा और मानव मूल्यों की अभिव्यक्ति थी, जिसने विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया। उनके विचारों ने शांति और मानव-एकता का मार्ग दिखाया।"


राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन ने भारत के सहिष्णुता के संदेश को विश्व में स्थापित किया। आइए, उनके विचारों को आत्मसात कर एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करें।"


बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिखा, "दिग्विजय दिवस पर स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में भारतीय संस्कृति का गौरव स्थापित किया। उनका संदेश आज भी ज्ञान और मानवता की महान परंपरा का प्रतीक है।"


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। उनका उद्बोधन भारत की संस्कृति की महानता को दर्शाता है।"


हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा, "स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन ने भारत की आध्यात्मिक विरासत को विश्व के समक्ष रखा। उनका संदेश आज भी प्रेरणा देता है।"


गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी इस दिन को विशेष बताया और स्वामी विवेकानंद के योगदान को सराहा।