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दिल के मरीजों के लिए एम्स में नए वेंटिलेटर की व्यवस्था

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में दिल के मरीजों के लिए नई सुविधाएं आने वाली हैं। 30 नए वेंटिलेटर की व्यवस्था से मरीजों को सर्जरी की तारीख जल्दी मिलेगी। वर्तमान में कार्डियक सेंटर में 225 बेड की क्षमता है और हर महीने 300 सर्जरी होती हैं। नए वेंटिलेटर के आने से मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। जानें इस नई व्यवस्था के बारे में और क्या बदलाव होंगे।
 

दिल के मरीजों को मिलेगी नई सुविधा

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में दिल के मरीजों के लिए आने वाले दिनों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एम्स के कार्डियक सेंटर में 30 नए वेंटिलेटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे दिल की सर्जरी कराने वाले मरीजों को जल्दी सर्जरी की तारीख मिलने की संभावना है। इसके लिए एम्स ने नए वेंटिलेटर की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है।


वेंटिलेटर की खरीद प्रक्रिया

नए वेंटिलेटर के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। टेंडर आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले छह महीनों में ये वेंटिलेटर कार्डियक सेंटर में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, अगले साल अगस्त तक एम्स के क्रिटिकल केयर आईसीयू में वेंटिलेटर की संख्या में वृद्धि होगी।


कार्डियक सेंटर की सुविधाएं

इस कदम से दिल की बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में सीटीवीएस में 225 बेड की क्षमता है, जिसमें आठ ऑपरेशन थिएटर और 136 बेड का जनरल वार्ड शामिल है। इसके अलावा, नवजात बच्चों के लिए भी आठ आईसीयू बेड उपलब्ध हैं।


सर्जरी की संख्या

एम्स के कार्डियक सेंटर में हर महीने लगभग 300 सर्जरी होती हैं, जिससे सालाना 3,500 मरीजों की हृदय रोगों की सर्जरी की जाती है। सर्जरी के बाद मरीजों को कुछ दिनों के लिए आईसीयू में रहना पड़ता है, जिससे मरीजों का दबाव बढ़ जाता है। नए वेंटिलेटर के आने से मरीजों को जल्दी सर्जरी की तारीख मिल सकेगी।


पुराने वेंटिलेटर की स्थिति

कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी के आईसीयू में कई वेंटिलेटर काफी पुराने हैं। वर्तमान में 15 वेंटिलेटर 11 साल पुराने हैं, जिन्हें बदलने की आवश्यकता है। डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रकार के उपकरणों का उपयोग 10 साल तक किया जाना चाहिए, इसलिए नए वेंटिलेटर की आवश्यकता महसूस की जा रही है।