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दिल्ली अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में नोटिस जारी किया

दिल्ली की एक अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के मामले में नोटिस जारी किया है। महिला पहलवानों ने उनके बरी होने के फैसले को चुनौती दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। जानें इस विवाद की पृष्ठभूमि और अदालत के निर्णय के बारे में।
 

दिल्ली की अदालत का निर्णय

नई दिल्ली - दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के मामले में नोटिस जारी किया। इस मामले में बृजभूषण के बरी होने के फैसले को महिला पहलवानों ने चुनौती दी है।


सुनवाई का विवरण

राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज दिग्विजय सिंह ने चार महिला पहलवानों की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान, कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के साथ डब्ल्यूएफआई के पूर्व सचिव विनोद तोमर को भी नोटिस भेजा। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।


मामले का पृष्ठभूमि

यह विवाद 2023 में सामने आया जब कई प्रमुख महिला पहलवानों ने आरोप लगाया कि 2016 से 2022 के बीच बृजभूषण शरण सिंह ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंप, डब्ल्यूएफआई कार्यालय और अन्य स्थानों पर उनके साथ अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न किया। इस मामले में विनोद तोमर को सह-आरोपी बनाया गया।


पुलिस की कार्रवाई

महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर, पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। 15 जून 2023 को पुलिस ने कई धाराओं के तहत चार्जशीट भी दाखिल की। ट्रायल कोर्ट ने 10 मई 2024 को बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप तय किए थे।


मजिस्ट्रेट कोर्ट का फैसला

3 अगस्त को दिल्ली की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया। चार महिला पहलवानों ने इस आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की है। याचिका में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का निर्णय कानून के अनुसार सही नहीं है और सबूतों का गलत आकलन किया गया है।


याचिका में उठाए गए सवाल

महिला पहलवानों का कहना है कि आदेश में पीड़िता के व्यवहार को लेकर पुरानी सोच को आधार बनाया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट ने गवाहों के समर्थन वाली पूरी तस्वीर देखने के बजाय छोटी-छोटी गलतियों पर ध्यान केंद्रित किया और इसी आधार पर बृजभूषण के खिलाफ मामला खारिज कर दिया।