दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे और प्रदूषण का कहर
कोहरे और प्रदूषण की समस्या
नोएडा: शनिवार की सुबह दिल्ली और एनसीआर के निवासियों को एक बार फिर से घने कोहरे का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में दृश्यता लगभग शून्य हो गई, जिससे सड़क पर चलना कठिन हो गया और वाहन चालकों को धीमी गति से यात्रा करनी पड़ी।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, सुबह के समय घना कोहरा देखा गया, जबकि तापमान अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण ने भी एनसीआर में स्थिति को और बिगाड़ दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और अन्य संबंधित संस्थाओं के आंकड़ों के अनुसार, एनसीआर के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है।
नोएडा में, सेक्टर-125 में एक्यूआई 381, सेक्टर-62 में 361, सेक्टर-1 में 418 और सेक्टर-116 में 375 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में इंदिरापुरम का एक्यूआई 360, लोनी में 412, संजय नगर में 307 और वसुंधरा में 437 रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली की स्थिति और भी चिंताजनक है। आनंद विहार में एक्यूआई 450 तक पहुंच गया, जो बेहद गंभीर है। चांदनी चौक में 435, पटपड़गंज में 440, और अन्य क्षेत्रों में भी एक्यूआई 400 से ऊपर दर्ज किया गया।
कई क्षेत्रों में एक्यूआई 400 से अधिक होने के कारण हवा बेहद जहरीली हो गई है। प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ग्रेप-3 के नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। निर्माण गतिविधियों पर रोक, डीजल वाहनों पर प्रतिबंध और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है, हालांकि 18 और 19 जनवरी को कोहरे की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। इस समय एनसीआर की जनता कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और जहरीली हवा की दोहरी मार झेलने को मजबूर है।