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दिल्ली-एनसीआर में दिवाली से पहले प्रदूषण की गंभीर स्थिति, GRAP-3 लागू

दिल्ली और एनसीआर में दिवाली से पहले प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP-3 लागू किया है, जिसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 382 तक पहुंच गया है, जो गंभीर श्रेणी के करीब है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों का धुआं और दिवाली पर पटाखों का उत्सर्जन प्रदूषण को और बढ़ा सकता है। जानें इस स्थिति का स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
 

दिल्ली में प्रदूषण की बढ़ती समस्या

नई दिल्ली: दिवाली के आगमन से पहले, दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर और अगले तीन दिनों में वायु गुणवत्ता के गंभीर श्रेणी में रहने की संभावना के चलते, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण की पाबंदियों को लागू कर दिया है।


निर्माण कार्यों पर रोक

इस योजना के तहत, पूरे एनसीआर में धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर की राज्य सरकारों और संबंधित विभागों को सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।


वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति

दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुक्रवार को 382 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी की सीमा 401 के बहुत करीब है। इससे पहले गुरुवार को एक्यूआई 369 था। राजधानी के 38 निगरानी केंद्रों में से 26 पर हवा गंभीर श्रेणी में पाई गई। पंजाबी बाग में एक्यूआई सबसे अधिक 453 रहा, जबकि जहांगीरपुरी में 447 और रोहिणी में 444 दर्ज किया गया। केवल लोधी रोड पर हवा खराब श्रेणी में रही।


भविष्यवाणी और स्वास्थ्य पर प्रभाव

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे के अनुसार, 7 से 9 नवंबर तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रह सकती है। इसके बाद भी अगले छह दिनों तक प्रदूषण का स्तर गंभीर से बहुत खराब श्रेणी के बीच रहने की आशंका है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं।


प्रदूषण के कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं और दिवाली पर पटाखों से होने वाला उत्सर्जन प्रदूषण की स्थिति को और बिगाड़ सकता है। शुक्रवार को दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा, जो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।