दिल्ली-एनसीआर में मौसम में अचानक बदलाव, भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज बदलता हुआ
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गुरुवार को मौसम में अचानक परिवर्तन देखा गया है। आसमान में काले बादल छा गए हैं, ठंडी हवाएं चल रही हैं और कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई है। अगले कुछ घंटों में भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी दी गई है। इस मौसम परिवर्तन के कारण तापमान में गिरावट की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यधिक बारिश की भविष्यवाणी की है। इसके साथ ही, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी आशंका है।
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे एनसीआर के कई क्षेत्रों में बारिश के एक या दो दौर देखने को मिल सकते हैं। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ से जुड़े बादलों के बढ़ने के कारण मौसम में तेजी से बदलाव आया है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में अगले कुछ घंटों में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। यह मौसम 16 अक्टूबर तक बना रह सकता है। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके बाद वीकेंड पर मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।
तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ तेज हवाएं भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर और शाम के समय कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा के झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। आईएमडी ने लोगों को सलाह दी है कि वे ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर न रहें, पेड़ों के नीचे न खड़े हों और बिजली चमकने के दौरान असुरक्षित स्थानों पर न रहें। रात के समय भी बारिश का एक और दौर आ सकता है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर के सभी क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता समान नहीं रहने की संभावना है।
दिल्ली और आसपास के राज्यों में ओलावृष्टि का अलर्ट
बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की चेतावनी दी है। इसके अलावा, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी ओलावृष्टि हो सकती है। तेज बारिश, बिजली और हवाओं के कारण सड़क पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ओले गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में वाहनों को खुले स्थानों पर खड़ा करने से बचने की सलाह दी गई है।
अक्टूबर में मौसम में बार-बार बदलाव का कारण
दिल्ली में अक्टूबर के दौरान बारिश के कई दौर देखे गए हैं। 12 अक्टूबर 2026 को हुई बारिश को पिछले चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे अधिक बारिश वाला दिन माना गया था। मौसम में इस बदलाव के पीछे उत्तरी पाकिस्तान के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा के ऊपर बना चक्रीय परिसंचरण मुख्य कारण हैं। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं भी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही हैं। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में बादल, बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखी जा रही है।