दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी और ईंधन की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी, जानें कारण
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में वृद्धि
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी उपभोक्ताओं को एक बार फिर से महंगाई का सामना करना पड़ा है। शनिवार को संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई। यह ध्यान देने योग्य है कि यह दो दिनों में दूसरी बार हुआ है। इससे पहले 15 मई को भी सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए थे। इस प्रकार, 48 घंटों में सीएनजी की कीमतों में कुल 3 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हो चुकी है।
नई दरों के अनुसार, अब दिल्ली में सीएनजी की कीमत 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। वहीं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में उपभोक्ताओं को 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से सीएनजी खरीदनी पड़ेगी। लगातार बढ़ती कीमतों के पीछे वैश्विक कच्चे तेल की महंगी दरें और तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव को जिम्मेदार माना जा रहा है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी वृद्धि
सीएनजी के साथ-साथ हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई, जो पिछले चार वर्षों में पहली बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है।
इस संशोधन के बाद, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपये और डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता और चेन्नई में भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आना बताया जा रहा है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों और तेहरान की प्रतिक्रिया के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
सरकार का ईंधन संरक्षण पर जोर
बढ़ती ऊर्जा लागत के बीच, केंद्र सरकार ईंधन संरक्षण पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा कम करने और जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील की है। कई राज्य सरकारों ने भी विभागों को यात्रा और आमने-सामने बैठकों को सीमित करने की सलाह दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों का प्रभाव आने वाले समय में महंगाई और उपभोक्ता मांग दोनों पर पड़ सकता है।