दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा चूक: इटैलियन नागरिक बिना इमिग्रेशन के उड़ान भरने में सफल
दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा में चूक
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक गंभीर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। 4 सितंबर को अमृतसर से आए तीन इटैलियन नागरिक बिना इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए जर्मनी के म्यूनिख के लिए उड़ान भर गए। इस घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 15 सितंबर को एक आपात बैठक बुलाई है। साथ ही, सिविल एविएशन मंत्रालय ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
घटना का विवरण
इस घटना में यात्रियों सुरजीत सिंह, बलविंदर कौर और गुरदेव सिंह को अमृतसर एयरपोर्ट पर दिल्ली और म्यूनिख की फ्लाइट के लिए बोर्डिंग पास दिए गए थे। नियमों के अनुसार, दिल्ली पहुंचने पर उन्हें डोमेस्टिक एग्जिट से बाहर आकर इमिग्रेशन क्लीयरेंस लेना था, लेकिन एयरपोर्ट स्टाफ की गलती से उन्हें सीधे 'इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल' ट्रांसफर एरिया में भेज दिया गया। इस कारण वे बिना सुरक्षा जांच और इमिग्रेशन के लुफ्थांसा की फ्लाइट में सवार हो गए।
सुरक्षा में चूक का पूरा मामला
अमृतसर एयरपोर्ट पर लापरवाही हुई थी, जहां यात्रियों को आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए बोर्डिंग पास दिए गए। नियम के अनुसार, जब तक दो शहरों के बीच आधिकारिक समझौता न हो, तब तक ऐसे पास जारी नहीं किए जा सकते। इसके बाद, दिल्ली एयरपोर्ट पर भी गलत मार्गदर्शन दिया गया। 4 सितंबर की रात लगभग 12:50 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-1115) दिल्ली पहुंची, जहां यात्रियों को इमिग्रेशन के लिए गेट नंबर 39 से बाहर आना था। हालांकि, एयरलाइन और एयरपोर्ट स्टाफ ने यात्रियों के बोर्डिंग पास पर 'डी' यानी डोमेस्टिक टैग को नजरअंदाज कर उन्हें I-to-I ट्रांसफर डेस्क की ओर भेज दिया।
गृह मंत्रालय और MoCA का सख्त रुख
MoCA ने 12 सितंबर को एयर इंडिया को नोटिस भेजकर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। मंत्रालय ने पूछा है कि सुरक्षा उल्लंघन और 24x7 निगरानी टीम की नाकामी के लिए एयरलाइन पर कार्रवाई क्यों न की जाए। गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में दिल्ली के कर्तव्य भवन में शाम 7 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, सिविल एविएशन सचिव, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन कमिश्नर, एयर इंडिया ग्रुप हेड और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ शामिल होंगे। DIAL ने स्पष्ट किया है कि उन्हें सरकार से कोई कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।