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दिल्ली एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी का बड़ा खुलासा

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम और CISF ने एक बांग्लादेशी नागरिक को सोने की तस्करी के आरोप में पकड़ा। आरोपी ने सोने को केमिकल पेस्ट के रूप में अपने अंडरगारमेंट्स में छिपा रखा था। बरामद सोने की कीमत लगभग 1.88 करोड़ रुपये है। तस्कर ने खुलासा किया कि वह केवल एक कूरियर था और उसे यह खेप किसी अज्ञात रिसीवर को सौंपनी थी। कस्टम विभाग अब अन्य तस्करों की पहचान करने में जुटा है।
 

सोने की तस्करी का प्रयास नाकाम

नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर कस्टम और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने सोने की तस्करी की एक बड़ी योजना को विफल कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने टर्मिनल-3 पर जेद्दा से आए एक बांग्लादेशी नागरिक को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा और उसके पास से लगभग 1.88 करोड़ रुपये मूल्य का सोना बरामद किया। आरोपी ने चतुराई से सोने को केमिकल पेस्ट के रूप में अपने अंडरगारमेंट्स में छिपा रखा था।


तस्कर की गतिविधियों पर शक

जेद्दा से ढाका की उड़ान:
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 12 सितंबर को टर्मिनल-3 के ट्रांजिट क्षेत्र में की गई। आरोपी यात्री सऊदी अरब के जेद्दा से दिल्ली पहुंचा था और उसे यहां से ढाका (बांग्लादेश) के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी। सुरक्षा जांच के दौरान CISF कर्मियों को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ। जब उसे रोका गया और गहन तलाशी ली गई, तो उसके अंतर्वस्त्रों में छिपाए गए तीन अंडाकार कैप्सूल मिले।


सोने की मात्रा और कीमत

केमिकल पेस्ट में छिपा सोना:
अधिकारियों ने जब कैप्सूल खोले, तो उनमें रासायनिक पेस्ट के रूप में पिघला हुआ सोना पाया गया। तीनों कैप्सूल का कुल वजन 1,596 ग्राम (लगभग 1.6 किलोग्राम) था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.88 करोड़ रुपये आंकी गई है। CISF ने तुरंत आरोपी और बरामद सोने को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग के हवाले कर दिया।


तस्कर का खुलासा

कस्टम अधिकारियों की पूछताछ:
कस्टम अधिकारियों की गहन पूछताछ में पकड़े गए तस्कर ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह केवल एक कूरियर था और उसे यह सोने की खेप IGI एयरपोर्ट के ट्रांजिट क्षेत्र में किसी अज्ञात रिसीवर को सौंपनी थी। कस्टम विभाग अब एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहा है ताकि उस स्थानीय संपर्क और अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।