दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव, भारी बारिश की संभावना
दिल्ली और एनसीआर में मौसम का हाल
हाल के दिनों में, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का मौसम काफी सुहावना रहा है। कभी तेज बारिश तो कभी धूल भरी हवाएं चल रही हैं। सोमवार को भी मौसम कुछ ऐसा ही रहा। अब मौसम में बदलाव आने वाला है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आज कई राज्यों में अपनी गति पकड़ ली है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून ने आज आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में दस्तक दी है। अगले 6-7 दिनों में भारी बारिश की संभावना है, जिससे कई राज्यों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
कहाँ होगी बारिश?
अगले सप्ताह में सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी तेज बारिश जारी रहने की उम्मीद है।
लू का अलर्ट
वहीं, तेलंगाना और विदर्भ (महाराष्ट्र) के कुछ क्षेत्रों में अगले 2-3 दिनों तक लू चलने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर में धूप से बचें और पर्याप्त पानी पिएं।
मौसम की स्थिति
रविवार और सोमवार की रात को असम में 12 से 20 सेमी तक बारिश हुई है। तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और तमिलनाडु में भी भारी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर तेज आंधी और 60-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। राजस्थान में धूल भरी आंधी भी देखी गई।
दिल्ली-एनसीआर में भविष्यवाणी
दिल्ली में मंगलवार को दोपहर के बाद हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। इस दौरान हवाएं 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। 16 जून को भी गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
गर्मी की स्थिति
अधिकतम तापमान 35-40 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है। 17 और 18 जून को तापमान फिर से 39-42 डिग्री तक पहुंच सकता है। उत्तर भारत में 18 जून के बाद जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में अच्छी बारिश की संभावना है।
पूर्वी भारत का मौसम
पूर्वी भारत में ओडिशा, बिहार और झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। केरल और तटीय कर्नाटक में भी बारिश जारी रहेगी।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को 20 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, फसल नुकसान और छोटे भूस्खलन की आशंका है। तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली के खंभे और फसलों को नुकसान हो सकता है। लू के दौरान कमजोर लोग, बच्चे और बुजुर्ग विशेष सावधानी बरतें।