दिल्ली और उत्तराखंड में खालिस्तानी आतंक का खतरा: सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किया हाई अलर्ट
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
नई दिल्ली: खालिस्तानी आतंकियों के संभावित हमलों को लेकर दिल्ली और उत्तराखंड की सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, उन्हें एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ है, जिसमें बड़े हमले की चेतावनी दी गई है। इसके चलते, दिल्ली और उत्तराखंड पुलिस के साथ-साथ खुफिया एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
संभावित निशाने
सूत्रों के अनुसार, ईमेल में कई मंदिरों, सरकारी दफ्तरों और राजनीतिक नेताओं को संभावित लक्ष्यों के रूप में उल्लेख किया गया है। दिल्ली पुलिस इस खतरे की गंभीरता से जांच कर रही है। खुफिया जानकारी के अनुसार, खालिस्तानी आतंकवादी आने वाले दिनों में उत्तराखंड और दिल्ली में मंदिरों, सरकारी संस्थानों, रेलवे स्टेशनों और पुलिसकर्मियों को निशाना बना सकते हैं। हाल ही में निहंग सिखों और पुलिस के बीच टकराव के बाद से सुरक्षा पहले से ही बढ़ाई गई थी, और अब इस नए अलर्ट ने चिंता को और बढ़ा दिया है।
निहंगों और पुलिस के बीच टकराव
निहंग सिखों और उत्तराखंड पुलिस के बीच चल रहा टकराव फिलहाल शांत हो गया है। चमोली में स्थानीय लोगों को घायल करने के आरोप में चार निहंगों की रिहाई की मांग कर रहे समूह ने हिमाचल-उत्तराखंड सीमा से पीछे हटने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हो गई है।
कर्णप्रयाग की घटना
यह तनाव 16 जून को चमोली के कर्णप्रयाग में हुई घटना से शुरू हुआ था। निहंग तीर्थयात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच बहस के बाद हिंसा भड़क गई थी। आरोप है कि चार निहंगों ने तलवारों से एक व्यापारी और बीच-बचाव करने वाले लोगों पर हमला किया, जिसमें चार लोग घायल हुए थे।
पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसी गिरफ्तारी के विरोध में निहंगों का जत्था लगातार प्रदर्शन कर रहा था। अब खुफिया अलर्ट के बाद दिल्ली और उत्तराखंड में मंदिरों, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है।