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दिल्ली और मुंबई में महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदर्शन की तैयारी

दिल्ली और मुंबई में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। प्रदर्शन का मुख्य कारण चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विवादित कार्यकाल है। जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है, जबकि मुंबई में शिवाजी पार्क में भी प्रदर्शन का आयोजन होगा। जानें इस प्रदर्शन के पीछे की वजह और सुरक्षा उपायों के बारे में।
 

दिल्ली का जंतर-मंतर फिर से विरोध का केंद्र

एक बार फिर, दिल्ली का जंतर-मंतर विरोध और आंदोलन का प्रमुख स्थल बनने जा रहा है। इस बार महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर, दिल्ली के साथ-साथ मुंबई में भी प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विवादित कार्यकाल है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, वामपंथी दल और अन्य विपक्षी संगठनों के साथ-साथ कई सामाजिक समूहों का संयुक्त प्रदर्शन होने वाला है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पहले ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था और अब मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का आह्वान किया है। इन प्रदर्शनों को देखते हुए, दिल्ली और मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।


ज्ञानेश कुमार और SIR पर प्रदर्शन

इन प्रदर्शनों का केंद्र ज्ञानेश कुमार के अलावा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) भी है। CJP ने चेतावनी दी थी कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे प्रदर्शन करेंगी। इसी संदर्भ में, CJP ने मुंबई में प्रदर्शन का आह्वान किया है। दूसरी ओर, विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन भी SIR के मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।


जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था

आज के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए, जंतर-मंतर पर पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, जंतर-मंतर के आसपास की सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 भी लागू कर दी गई है।



दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक अडवाइजरी जारी की है और जंतर-मंतर के निकट कुछ सड़कों पर डायवर्जन भी लागू किया गया है।



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