दिल्ली की नई ईवी नीति: 2026 से शुरू होगा इलेक्ट्रिक वाहनों का युग
दिल्ली की ईवी नीति का ऐलान
अगले चार वर्षों में ईवी नीति पर 7,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश, जनता को 15,000 करोड़ रुपये का कुल लाभ
2027 से थ्री-व्हीलर और 2028 से सभी नए टू-व्हीलर्स का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी में होगा, स्कूल बसों का भी होगा चरणबद्ध विद्युतीकरण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा: दिल्ली बनेगी देश की सबसे बड़ी जीरो एमिशन मोबिलिटी कैपिटल
यह केव पर्यावरण नहीं, ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए आर्थिक और रणनीतिक निवेश है: ऊर्जा मंत्री आशीष सूद
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी। यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री ने इसे राजधानी के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली को लंबे समय से ऐसी व्यापक नीति की आवश्यकता थी जो प्रदूषण नियंत्रण, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और नागरिकों को आर्थिक लाभ प्रदान कर सके।
स्वच्छ परिवहन व्यवस्था का विस्तार
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री आशीष सूद, परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित थे। नई ईवी नीति का मुख्य उद्देश्य ज़ीरो एमिशन इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है, जिससे दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी। नीति को तैयार करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और उद्योग जगत के साथ विचार-विमर्श किया गया।
नागरिकों को लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार अगले चार वर्षों में इस नीति के तहत 7,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और अन्य प्रोत्साहनों के माध्यम से नागरिकों को लगभग 15,000 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। यह देश में पहली बार है जब इतने बड़े निवेश के साथ ईवी नीति लागू की जा रही है।
वाहन खरीद पर प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वर्ष में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर 30,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसी तरह, तिपहिया और एन-1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर भी प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी दिए जाएंगे।
2027 से केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया और एन-1 श्रेणी के मालवाहक वाहनों का पंजीकरण होगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा। स्कूल बसों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा।
चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में 30,000 से अधिक ईवी चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित किए जाएंगे। यह नीति केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को भी ध्यान में रखती है।
आर्थिक और रणनीतिक निवेश
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि हर इलेक्ट्रिक गाड़ी पर्यावरण के लिए फायदेमंद है और यह भारत की आयातित फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता को कम करती है। यह निर्णय केवल पर्यावरण से संबंधित नहीं है, बल्कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है।