दिल्ली की मुख्यमंत्री ने जीएसटी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया
मुख्यमंत्री का निरीक्षण
नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने बुधवार को आईटीओ में स्थित स्टेट जीएसटी कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अधिकारी, बड़े और छोटे, अनुपस्थित पाए गए। मुख्यमंत्री ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। उनके निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि सरकारी कार्यों में जवाबदेही और अनुशासन को सुनिश्चित करना है।
अनुपस्थिति पर नाराजगी
मुख्यमंत्री ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी निर्धारित समय पर अपनी सीटों पर अनुपस्थित पाया, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासन केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर स्तर तक सभी अधिकारियों पर लागू होगा। उन्होंने बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य बताया और सभी विभागों को निर्देश दिए कि बायोमेट्रिक सिस्टम का गंभीरता से पालन किया जाए।
जनता से संवाद
मुख्यमंत्री ने करदाताओं और आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का फीडबैक लिया। इस दौरान सेवाओं में देरी और अधिकारियों की अनुपलब्धता की शिकायतें सामने आईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनसेवा में देरी या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर ध्यान
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यालय परिसर के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया। उन्होंने अनुपयोगी सामग्री और स्क्रैप को तुरंत हटाने के निर्देश दिए ताकि कार्यस्थल का माहौल बेहतर हो सके। इसके अलावा, फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने नियमित ऑडिट और मेंटेनेंस रिपोर्ट अनिवार्य करने के निर्देश दिए।
जन-शिकायत निवारण व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने जन-शिकायत निवारण व्यवस्था पर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की बैठकों के कारण नागरिकों के काम लंबित रहना अस्वीकार्य है। सभी लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए और शिकायत निवारण प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाए।
जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोहराया कि दिल्ली सरकार लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि सरकारी तंत्र की वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जा सके और जनता का विश्वास मजबूत बना रहे।